ओमान तट पर समंदर में पराक्रम: जलते तेल टैंकर से इंडियन नेवी ने यूं बचाई 24 जिंदगियां राष्ट्रीय राजनीति एक महीने पहले 21
ओमान के तट के पास तेल टैंकर एमटी मैरिवेक्स में आग लगने के बाद भारतीय नौसेना के हेलिकॉप्टरों ने खतरनाक हालात में फंसे सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

समंदर के बीचों-बीच जब मौत हर पल करीब आ रही थी, तब भारतीय नौसेना ने वह कारनामा कर दिखाया जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर में लगी भीषण आग के बीच फंसे सभी 24 भारतीय नाविकों को नौसेना के हेलिकॉप्टरों ने बेहद जोखिम भरे हालात में सुरक्षित बचा लिया।

आसमान में हेलिकॉप्टर, नीचे धधकता जहाज

अरब सागर के ऊपर भारतीय नौसेना के हेलिकॉप्टर गरज रहे थे और नीचे समुद्र के बीच एक तेल टैंकर धू-धूकर जल रहा था। जहाज के ब्रिज और रहने वाले हिस्से से काले धुएं का बड़ा गुबार उठ रहा था। टैंकर पर सवार 24 भारतीय नाविकों के सामने सिर्फ दो ही विकल्प बचे थे — या तो आग की लपटों में घिर जाएं या समुद्र में छलांग लगा दें।

कब और कैसे लगी आग

पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी मैरिवेक्स में सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक आग भड़क उठी। यह जहाज भारत के कारवार बंदरगाह से ओमान के दुक्म बंदरगाह की ओर जा रहा था। राहत की बात यह रही कि उस समय टैंकर पूरी तरह खाली था और उसमें न तो तेल था और न ही कोई दूसरा कार्गो। बावजूद इसके, जहाज के भीतर लगी आग बेहद तेजी से फैल रही थी और चंद मिनटों में ही चालक दल के 24 भारतीय सदस्यों की जान खतरे में पड़ गई। संकट का संदेश मिलते ही भारतीय नौसेना ने बिना समय गंवाए अपना बचाव अभियान शुरू कर दिया।

जलते जहाज के ऊपर पहुंचे जवान

इसके बाद जो दृश्य सामने आए, उन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया। नौसेना के हेलिकॉप्टर सीधे जलते हुए जहाज के ऊपर जा पहुंचे। नीचे आग की लपटें थीं, ऊपर तेज हवाएं चल रही थीं और बीच में अटकी थीं 24 जिंदगियां। प्रशिक्षित नौसैनिकों ने हेलिकॉप्टर से रस्सियां नीचे उतारीं और एक-एक कर सभी नाविकों को हवा में उठाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जहाज से घना काला धुआं उठ रहा है और इसी बीच नौसेना के हेलिकॉप्टर लगातार रेस्क्यू मिशन को अंजाम दे रहे हैं। यह नजारा भले ही किसी फिल्मी दृश्य जैसा लगे, लेकिन इसमें शामिल हर जवान और हर नाविक के लिए यह जिंदगी और मौत की असली जंग थी।

सभी 24 नाविक पूरी तरह सुरक्षित

जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने पुष्टि की है कि सभी 24 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि अभी इस बात की जांच चल रही है कि आग किसी तकनीकी खराबी के कारण लगी या फिर जहाज किसी प्रोजेक्टाइल अथवा बाहरी हमले का शिकार हुआ।

यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि यह घटना ऐसे समय हुई है जब पूरा खाड़ी क्षेत्र भारी तनाव के दौर से गुजर रहा है। जिस इलाके में यह टैंकर मौजूद था, वह होर्मुज जलडमरूमध्य के बेहद नजदीक है, जिसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है।

क्यों खास है मैरिवेक्स का यह अभियान

भारतीय नौसेना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समुद्र में संकट की घड़ी में वह न सिर्फ भारत, बल्कि दुनिया की सबसे भरोसेमंद समुद्री ताकतों में से एक है। शिपिंग महानिदेशालय के मुताबिक क्षेत्रीय संकट शुरू होने के बाद से उसका नियंत्रण कक्ष अब तक 12 हजार से ज्यादा कॉल और करीब 27 हजार ईमेल संभाल चुका है। इसके साथ ही 3,500 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाने में भी मदद की गई है।

लेकिन एमटी मैरिवेक्स का यह ऑपरेशन हमेशा खास रहेगा, क्योंकि आग, धुएं, समुद्री खतरे और अनिश्चितता के बीच भारतीय नौसेना ने 24 जिंदगियों को मौत के मुंह से खींच निकाला और दिखा दिया कि संकट चाहे जितना बड़ा हो, भारतीय जवान उससे भी बड़े साबित हो सकते हैं।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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