राष्ट्रीय राजनीति
6 घंटे पहले
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विचारों
इंडोनेशिया में भारत की नई डिजिटल पेशकश
इस साल नवरात्रि के पावन पर्व पर भारत ने इंडोनेशिया में एक अनूठी और आधुनिक पहल की है। जकार्ता स्थित भारतीय दूतावास ने 'देवी' (Dewi) नाम से अपना एक विशेष AI अवतार पेश किया है। यह 'देवी' कोई धार्मिक प्रतिमा नहीं, बल्कि एक डिजिटल चेहरा है, जिसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI तकनीक के जरिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना है। भारतीय राजदूत संदीप चक्रवर्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस नए डिजिटल नवाचार की जानकारी साझा की है। दूतावास का साफ कहना है कि इस अवतार का उद्देश्य लोगों को भारत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों से अपडेट रखना है।
आखिर क्या काम करेगी ये 'देवी'?
आमतौर पर 'देवी' शब्द सुनते ही हमारे मन में श्रद्धा और आस्था के भाव आते हैं, लेकिन इस डिजिटल 'देवी' का कार्यक्षेत्र पूरी तरह से सूचनात्मक है। यह लोगों को आशीर्वाद देने के बजाय भारत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी सुलभ कराएगी। इसके प्रमुख कार्यों में निम्नलिखित सेवाएं शामिल हैं:
- भारतीय संस्कृति: भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं के बारे में जानकारी देना।
- पर्यटन: भारत में घूमने-फिरने के प्रमुख स्थानों और पर्यटन के अवसरों के बारे में अपडेट करना।
- स्कॉलरशिप: छात्रों को भारत में उपलब्ध शिक्षा और स्कॉलरशिप संबंधी कार्यक्रमों के बारे में बताना।
- व्यापार और निवेश: भारत और इंडोनेशिया के बीच कारोबार और निवेश की संभावनाओं का विवरण प्रदान करना।
- दूतावास सेवाएं: कांसुलर सेवाओं से जुड़ी जरूरी जानकारियों और अपडेट्स तक नागरिकों की पहुंच आसान बनाना।
नाम का महत्व और नवरात्रि का संयोग
इंडोनेशिया में भी 'देवी' शब्द का अर्थ भारत की ही तरह दैवीय शक्ति से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि इस नाम का चुनाव स्थानीय लोगों के साथ भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव बनाने के लिए किया गया है। नवरात्रि और दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर इसकी शुरुआत करने से यह पहल और भी विशेष हो गई है। जकार्ता स्थित दूतावास ने इस अवतार को अपनी आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लॉन्च करते हुए लोगों से अपील की है कि वे इससे जुड़ी जानकारी के लिए उनके अकाउंट को फॉलो करें। यह पहल निश्चित रूप से डिजिटल दुनिया में भारत की पहुंच को और अधिक प्रभावी बनाएगी।
AI के इस्तेमाल पर विदेश मंत्री की राय
एक तरफ जहां दूतावास AI के माध्यम से लोगों तक सूचनाएं पहुंचा रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने AI के बढ़ते प्रभाव और इसके इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने Bloomberg New Economy Forum के एडिटर-इन-चीफ जॉन मिकलथवेट के साथ हुई बातचीत में इस तकनीक के भविष्य पर चर्चा की। एस जयशंकर का मानना है कि AI का प्रभाव आम आदमी के जीवन पर बड़े पैमाने पर होने वाला है, इसलिए इसके उपयोग और जवाबदेही को लेकर वैश्विक स्तर पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए।
AI तकनीक के लिए जरूरी हैं नियम
विदेश मंत्री ने अपनी बात रखते हुए कहा कि AI के विकास के लिए सुरक्षा से जुड़े कड़े दिशा-निर्देश और स्पष्ट नियमों की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रक्रिया में ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। एस जयशंकर ने AI की तुलना परमाणु तकनीक से करने के बजाय इसे और अधिक व्यापक बताया, क्योंकि इसका उपयोग अनगिनत क्षेत्रों में हो सकता है। यह एक ऐसी तकनीक है जिससे समाज का हर वर्ग प्रभावित हो सकता है, इसलिए इसके विकास के दौरान सुरक्षा और जिम्मेदारी का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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