Ind W vs Pak W: 'बेवजह दबाव में आ गए थे'... पाकिस्तान पर बड़ी जीत के बाद हरमनप्रीत कौर ने स्वीकारी चूक क्रिकेट एक महीने पहले 23
आईसीसी टी20 विश्व कप के पहले मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 64 रन से हराया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने माना कि टीम ने शुरुआत में खुद पर गैरजरूरी दबाव बना लिया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच जिस कड़े और रोमांचक मुकाबले की उम्मीद की जा रही थी, वह पूरी तरह एकतरफा साबित हुआ। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया और फिर अपनी धारदार गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान को बौना साबित कर दिया। मैच के बाद कप्तान हरमनप्रीत ने स्वीकार किया कि टीम ने मुकाबले की शुरुआत में बेवजह ही दबाव अपने ऊपर ले लिया था।

हरमनप्रीत ने मानी शुरुआती चूक

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आईसीसी टी20 विश्व कप के पहले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ मिली 64 रन की आसान जीत पर खुशी जाहिर की। उन्होंने टीम का साथ देने के लिए सभी क्रिकेट प्रशंसकों का आभार जताया। कप्तान ने यह भी बताया कि पाकिस्तान के खिलाफ कौन-सी रणनीति कारगर रही। उन्होंने कहा कि टीम ने आगाज में अपने ऊपर गैरजरूरी दबाव डाल लिया था, लेकिन बहुत जल्दी ही वह इस स्थिति से उबर गई।

दीप्ति की घातक गेंदबाजी ने तोड़ी पाकिस्तान की कमर

भारत के 171 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की पूरी टीम दीप्ति शर्मा की कहर बरपाती गेंदबाजी के सामने 17 ओवर में 106 रन पर ढेर हो गई। दीप्ति ने 10 रन देकर पांच विकेट झटके। बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने 21 रन पर तीन विकेट और शेफाली वर्मा ने 22 रन पर एक विकेट लेकर दीप्ति का बखूबी साथ निभाया।

मंधाना और हरमन की साझेदारी ने दिलाई मजबूती

स्मृति मंधाना ने दो जीवनदान का पूरा फायदा उठाते हुए 44 गेंदों में नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से 68 रन की पारी खेली। उन्होंने कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ तीसरे विकेट के लिए 91 रन की अहम साझेदारी निभाई। भारत ने छह विकेट के नुकसान पर 170 रन बनाए, जो टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ टीम का सर्वोच्च स्कोर है। पारी के अंत में ऋचा घोष ने 17 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का लगाते हुए 34 रन की तेज पारी खेली।

स्मृति और दीप्ति की तारीफ

मैच के बाद हरमनप्रीत ने स्मृति और दीप्ति की सराहना करते हुए कहा, ''जब भी हमें जरूरत होती है, ये दोनों टीम का हौसला बढ़ाने के लिए हमेशा मौजूद रहती हैं। पिच ठीक-ठाक थी। शुरुआत में हमने बिना किसी वजह के खुद पर दबाव बना लिया था। जब स्मृति और मैं बल्लेबाजी कर रहे थे, तब हमने खेल को नियंत्रण में रखने की कोशिश की।''

ऋचा घोष के बारे में कप्तान ने कहा, ''अगर यह मेरे हाथ में होता तो मैं उसे पहली ही गेंद पर मैदान पर भेजना पसंद करती। उसकी एक भूमिका है और वह उसे बखूबी निभा रही है।''

विवेक शर्मा पाबना के खेल संवाददाता हैं, जो क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों की खबरें कवर करते हैं। मैचों के विश्लेषण, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और टूर्नामेंट्स पर उनकी गहरी पकड़ है। वे खेल प्रेमियों के लिए हर बड़ी खबर तेजी और सटीकता के साथ लाते हैं।

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