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एक घंटा पहले
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सेशेल्स के साथ नई साझेदारी का आगाज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों सेशेल्स के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने कई कार्यक्रमों में शिरकत की और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। वार्ता के बाद रविवार को दोनों देशों ने मिलकर 19 प्रमुख समझौतों और नई पहलों की घोषणा की है। ये समझौते इस बात को स्पष्ट करते हैं कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और सेशेल्स के बीच सामरिक सुरक्षा, कनेक्टिविटी, क्षमता निर्माण और विकास के मोर्चों पर सहयोग नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। इन समझौतों में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल पेमेंट प्रणाली, अंतरिक्ष अनुसंधान, स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
UPI तकनीक से डिजिटल पेमेंट को मिलेगी रफ्तार
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इन 19 समझौतों में कई दूरगामी कदम शामिल हैं। इनमें से प्रमुख तौर पर बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए सहयोग, प्रत्यर्पण संधि, और सेशेल्स में UPI आधारित डिजिटल भुगतान सेवाओं को विस्तार देने का समझौता शामिल है। साथ ही, एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से एक अंब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट और सेशेल्स के नए नेशनल हॉस्पिटल के निर्माण से जुड़ी शुरुआती तैयारियों पर भी मुहर लगाई गई है।
1,250 करोड़ रुपये की सहायता और रक्षा उपकरण
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि भारत सरकार सेशेल्स को भारतीय रुपये में 1,250 करोड़ रुपये की अंब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट प्रदान करेगी, जिसका उपयोग वहां प्राथमिकता वाले विकास कार्यों में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, भारत ने सेशेल्स को उपहार स्वरूप एक तेज गश्ती पोत (fast patrol vessel) देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, सेशेल्स डिफेंस फोर्स को 10 यूटिलिटी वाहन और पांच लेजर रेडियल क्लास नावें सौंपी जाएंगी। साथ ही, सेशेल्स कोस्ट गार्ड के पोत 'PS जोरोएस्टर' की मरम्मत और ग्लास कॉकपिट वाले डोर्नियर विमान के अपग्रेडेशन का काम भी भारत करेगा।
स्वास्थ्य और विकास क्षेत्र में बड़ा सहयोग
विकास कार्यों के तहत भारत ने छह एम्बुलेंस और 500 मीट्रिक टन चावल के साथ 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट देने की घोषणा की है। दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने की खुशी में एक विशेष लोगो भी लॉन्च किया गया है। साथ ही, प्रोफेशनल और टेक्निकल एजुकेशन सेंटर के लिए वर्चुअल शिलान्यास भी संपन्न हुआ। भारतीय पैरामेडिक्स की टीम सेशेल्स पहुंच चुकी है, जो वहां के स्थानीय टेक्नीशियनों को प्रशिक्षित करेगी ताकि एम्बुलेंस सेवाओं को वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया जा सके।
सस्ती भारतीय दवाओं और तकनीकी सहयोग पर जोर
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और सेंट्रल बैंक ऑफ सेशेल्स के बीच हुए समझौते का मुख्य लक्ष्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है। वहीं, 'जन औषधि योजना' के तहत HLL लाइफकेयर लिमिटेड और सेशेल्स के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच हुआ करार वहां सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली भारतीय दवाओं की पहुंच सुनिश्चित करेगा। साथ ही, नए नेशनल हॉस्पिटल के निर्माण को लेकर औपचारिक प्रक्रियाएं शुरू हो गई हैं।
शिक्षा, कृषि और रक्षा क्षेत्र में आगे का रास्ता
भारत और सेशेल्स के बीच कृषि अनुसंधान, शिक्षा और नाविकों के सर्टिफिकेशन को मान्यता देने जैसे विषयों पर भी सहमति बनी है। सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस और सेशेल्स के विदेश मंत्रालय के बीच डिप्लोमैटिक ट्रेनिंग को लेकर भी समझौता हुआ है। इसके अलावा, राष्ट्रपति हर्मिनी ने सेशेल्स में साइबर सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेंटर बनाने का प्रस्ताव दिया है, साथ ही 'एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर' की भी मांग की है। विदेश सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इन प्रस्तावों का सकारात्मक स्वागत किया है और इन पर आगे चर्चा करने की सहमति दी है। यह पूरी यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर हो रही है, जो भविष्य के सहयोग के लिए एक नया आधार तैयार करती है।
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