पिता ने कर्ज लेकर बनाया क्रिकेटर, टेस्ट डेब्यू कर मानव सुथार ने चुकाया हर एहसान क्रिकेट 3 महीने पहले 49
श्रीगंगानगर के 23 वर्षीय लेफ्ट आर्म स्पिनर मानव सुथार ने अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया। साधारण परिवार से निकले मानव ने कड़े संघर्ष के दम पर अपने और अपने पिता का सपना पूरा कर दिखाया।

राजस्थान के श्रीगंगानगर में रहने वाले एक पिता का बरसों पुराना सपना उस घड़ी हकीकत में बदल गया, जब उनके बेटे के सिर पर भारतीय टेस्ट टीम की कैप सजी। यह कहानी है 23 साल के लेफ्ट आर्म स्पिनर मानव सुथार की, जिन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे इकलौते टेस्ट मैच में टीम इंडिया की ओर से अपना पदार्पण किया। मानव को टेस्ट कैप कुलदीप यादव ने पहनाई।

आसान नहीं था यहां तक का सफर

बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले मानव सुथार के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचने की राह कतई सहज नहीं रही। लगातार मेहनत और तमाम मुश्किलों से जूझते हुए मानव ने सिर्फ अपना ही नहीं, बल्कि अपने पिता का देखा हुआ सपना भी साकार कर दिखाया।

पिता थे सरकारी स्कूल में पीटीआई टीचर

मानव के पिता जगदीश सुथार श्रीगंगानगर के एक सरकारी स्कूल में पीटीआई शिक्षक के तौर पर कार्यरत थे। परिवार की आर्थिक हालत ऐसी नहीं थी कि बेटे के लिए महंगी क्रिकेट किट और बेहतरीन कोचिंग का बंदोबस्त किया जा सके। बावजूद इसके जगदीश सुथार की आंखों में बेटे को क्रिकेटर बनाने का सपना बस चुका था, और इसी जुनून में उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार हर वह कोशिश की जो उनके बस में थी।

शानदार घरेलू सीजन का मिला इनाम

श्रीगंगानगर के निवासी मानव सुथार का पिछला घरेलू सत्र बेहद यादगार और दमदार रहा था। उनके इसी प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट मैच में मौका देते हुए टेस्ट कैप सौंपी।

विवेक शर्मा पाबना के खेल संवाददाता हैं, जो क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों की खबरें कवर करते हैं। मैचों के विश्लेषण, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और टूर्नामेंट्स पर उनकी गहरी पकड़ है। वे खेल प्रेमियों के लिए हर बड़ी खबर तेजी और सटीकता के साथ लाते हैं।

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