मौसम विभाग का अलर्ट: बंगाल की खाड़ी में बना नया दबाव, इन राज्यों में अगले 2 से 3 दिन जमकर बरसेंगे बादल राष्ट्रीय राजनीति 4 घंटे पहले 3
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बंगाल की खाड़ी में एक सक्रिय मौसमी प्रणाली के बनने की चेतावनी दी है, जिसके चलते देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने वाला है।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ नया मौसमी सिस्टम

भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट ले रहा है। जहां दुनियाभर के वैज्ञानिक अल नीनो के प्रभाव को लेकर चर्चा कर रहे हैं, वहीं भारत में इसका फिलहाल मानसून पर कोई प्रतिकूल असर नजर नहीं आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि बंगाल की खाड़ी में एक नया लो प्रेशर एरिया यानी कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो गया है। इस प्रणाली के प्रभाव से देश के कई राज्यों में मानसूनी गतिविधियां तेज हो जाएंगी और झमाझम बारिश का दौर फिर से देखने को मिलेगा।

इन राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, यह नया मौसमी तंत्र अगले 24 घंटों के भीतर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा। इसका असर मुख्य रूप से उत्तर ओडिशा और उससे सटे पश्चिम बंगाल के इलाकों में दिखाई देगा। इन राज्यों के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसम खराब रहने की पूरी संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 2 से 3 दिनों तक इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पर रहेगा विशेष प्रभाव

आने वाले 72 घंटों के दौरान ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग ने पहले भी पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई थी, जो कि इस नए सिस्टम के आने से और भी प्रबल हो गई है। स्थानीय मौसमी दशाओं के चलते मानसून को नई ताकत मिल रही है, जिससे देश के बड़े हिस्से में बारिश की कमी पूरी होने की उम्मीद है।

मानसून को मिलेगी नई रफ्तार

अल नीनो की चर्चाओं के बीच, भारत में मानसून की सेहत अब तक संतोषजनक बनी हुई है। स्थानीय मौसमी कारकों ने मानसून को कमजोर नहीं होने दिया है। बंगाल की खाड़ी में बना यह नया सिस्टम न केवल बारिश के दायरे को बढ़ाएगा बल्कि मानसून की रफ्तार को भी तेज करेगा। मौसम विभाग लगातार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संबंधित राज्यों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों और आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने क्षेत्रों में जारी किए गए मौसम बुलेटिनों पर नजर रखें, क्योंकि भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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