IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला: CBI का बड़ा एक्शन, वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल गिरफ्तार व्यापार एक घंटा पहले 2
हरियाणा के बहुचर्चित बैंक फंड घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को हिरासत में लिया है। उन पर सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर आरोप है।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सरकारी धन का गबन

हरियाणा में हुए एक बड़े वित्तीय घोटाले के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने सख्त कदम उठाते हुए वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान सरकारी विभागों के बैंक खातों का इस्तेमाल करके बड़ी मात्रा में सरकारी राशि का गलत तरीके से उपयोग किया गया। जांच एजेंसी ने उन्हें हिरासत में लेने के बाद कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है।

घोटाले की जड़: नियमों का उल्लंघन

जांच में खुलासा हुआ है कि यह मामला मुख्य रूप से हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड (HSAMB) से संबंधित है। इन विभागों के खाते चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक शाखा में खोले गए थे। CBI का आरोप है कि ये खाते राज्य के वित्त विभाग के नियमों को दरकिनार कर खोले गए थे और इनमें तय सीमा से कहीं ज्यादा सरकारी पैसा ट्रांसफर किया गया था। उस दौरान पंकज अग्रवाल इन विभागों में प्रधान सचिव के रूप में तैनात थे।

करीब 60 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान

जांच एजेंसी के अनुसार, इन खातों में संदिग्ध लेनदेन किए गए, जिससे सरकारी खजाने को 60.54 करोड़ रुपये की चपत लगी। CBI ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान जुटाई गई पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर ही यह गिरफ्तारी संभव हो सकी है।

504 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले की जांच

यह प्रकरण हरियाणा के कुल आठ सरकारी विभागों से जुड़ी एक विशाल गड़बड़ी का हिस्सा है। जांच के दायरे में कुल 504 करोड़ रुपये की राशि है, जिसे कथित तौर पर फर्जी कंपनियों और शेल कंपनियों के जरिए निकाला गया था। इस बड़े मामले में अब तक CBI बैंक अधिकारियों, निजी कर्मचारियों और सरकारी कर्मियों समेत कुल 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

लगातार चल रही कार्रवाई

इस घोटाले की आंच पहले भी बड़े अधिकारियों तक पहुंच चुकी है। इससे पूर्व वरिष्ठ IAS अधिकारी आर.के. सिंह को भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। CBI चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और CREST से जुड़े मामलों में भी छानबीन कर रही है, जहां बैंक और सरकारी तंत्र की मिलीभगत से हुए भ्रष्टाचार की परतें खोली जा रही हैं। एजेंसी का कहना है कि वे इस पूरे आर्थिक गबन के नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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