पाली का कमाल: 10 टन प्लास्टिक कचरे को मेवाड़ा ने बनाया शानदार फर्नीचर राजस्थान एक घंटा पहले 2
राजस्थान के पाली जिले के कानाराम मेवाड़ा ने प्लास्टिक के कचरे को रीसाइकिल कर उपयोगी फर्नीचर बनाने की अनूठी मिसाल पेश की है, जिसकी तारीफ खुद मुख्यमंत्री ने भी की है।

पर्यावरण बचाने की अनूठी मुहिम

पाली के बीसलपुर गांव के रहने वाले कानाराम मेवाड़ा ने प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ एक ऐसी जंग शुरू की है जो आज न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, बल्कि रोजगार का जरिया भी बन गई है। उन्होंने गांवों, स्कूलों और पर्यटन केंद्रों से भारी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलें और पॉलिथीन इकट्ठा करके उन्हें रीसाइकिल करने का नया तरीका निकाला है।

वेस्ट से बेस्ट बनाने का सफर

कानाराम मेवाड़ा ने विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और भामाशाहों की मदद से मशीनें जुटाईं। इन मशीनों की सहायता से उन्होंने अब तक 10 टन प्लास्टिक को रीसाइकिल कर लिया है। इस कचरे से उन्होंने बेहद मजबूत टेबल और कुर्सियां तैयार की हैं, जो आज पार्कों, मंदिरों और रेलवे स्टेशनों पर इस्तेमाल की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने की सराहना

कानाराम की इस कामयाबी से राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी काफी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने न केवल उनके काम की सराहना की है, बल्कि भविष्य में हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया है। कानाराम का यह प्रयास इलाके के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है और यह स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक कर रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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