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4 घंटे पहले
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ऐतिहासिक उपलब्धि और सम्मान
श्रीलंका के उभरते हुए सितारे और युवा बल्लेबाज सोनल दिनुशा को उनके शानदार खेल का बड़ा इनाम मिला है। 17 सितंबर को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC ने आधिकारिक रूप से उन्हें अगस्त 2026 के लिए ICC मेन्स प्लेयर ऑफ द मंथ के रूप में चुना। अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में सोनल दिनुशा ने पहली बार इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड को अपने नाम किया है। इस खिताब की रेस में उन्होंने इंग्लैंड के अनुभवी खिलाड़ी ओली रॉबिन्सन और बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया।
भारत के खिलाफ दिखाया कमाल
भारत और श्रीलंका के बीच आयोजित ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप सीरीज के दौरान सोनल दिनुशा का बल्ला रनों की बारिश कर रहा था। घरेलू जमीन पर खेली गई इस दो मैचों की टेस्ट सीरीज में उन्होंने कुल चार पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 420 रन बनाए। उनका बल्लेबाजी औसत अविश्वसनीय रूप से 140 का रहा। इस शानदार प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कुल 3 शतक और 1 अर्धशतक जड़ा। सोनल दिनुशा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि भारत के खिलाफ मैदान पर उतरने से पहले उन्होंने अपने पूरे करियर में केवल तीन टेस्ट मैच ही खेले थे। कम अनुभव के बावजूद उन्होंने सीरीज के सबसे सफल बल्लेबाज के रूप में खुद को स्थापित किया।
गॉल और कोलंबो में बल्लेबाजी का जलवा
सीरीज का पहला मुकाबला गॉल में खेला गया, जहां उन्होंने अपनी पहली पारी में 100 रन बनाए और दूसरी पारी में 84 रन की उम्दा पारी खेलकर सबको प्रभावित किया। हालांकि श्रीलंका को इस मैच में 165 रन से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 23 से 27 अगस्त के बीच कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में उनका प्रदर्शन और भी निखर कर सामने आया। उन्होंने पहली पारी में 103 रन और दूसरी पारी में नाबाद 133 रन की जुझारू पारी खेलकर मैच ड्रॉ कराने में मुख्य भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया, हालांकि भारत ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की।
क्या बोले सोनल दिनुशा
यह सम्मान मिलने के बाद सोनल दिनुशा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अपने करियर के शुरुआती समय में ही इतना बड़ा खिताब मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने ICC का धन्यवाद करते हुए कहा कि भारत के खिलाफ यह सीरीज उनके दिल के हमेशा करीब रहेगी। उन्होंने कहा कि घरेलू दर्शकों के सामने गॉल और कोलंबो में तीन शतक लगाना किसी सपने के सच होने जैसा रहा। उन्होंने स्वीकार किया कि श्रीलंका टीम सीरीज में जीत तो नहीं दर्ज कर सकी, लेकिन दूसरे टेस्ट में टीम का संघर्ष उनके जज्बे को दिखाता है।
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