"मैं जहां हूं, वहीं हूं": बंगाल की सियासी उठापटक के बीच बाबुल सुप्रियो की पहेली बुझाती पोस्ट भारत एक महीने पहले 11
पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी दल और असंतुष्ट नेताओं के बीच जारी टकराव के बीच तृणमूल सांसद बाबुल सुप्रियो की एक रहस्यमयी पोस्ट चर्चा में है, जिसमें उन्होंने पार्टी में भ्रष्टाचार पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक बदलाव का संकेत दिया।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों सत्ताधारी दल और उससे नाराज चल रहे नेताओं के बीच जबरदस्त खींचतान देखने को मिल रही है। इसी सरगर्मी के बीच तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद बाबुल सुप्रियो की एक पहेली जैसी सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है, जिसने राज्य के सियासी गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी है।

पोस्ट में क्या संकेत

अपनी पोस्ट के जरिये बाबुल सुप्रियो ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में फैले भ्रष्टाचार पर खुलकर नाराजगी जाहिर की और आने वाले समय में किसी राजनीतिक बदलाव की ओर इशारा किया। उनके शब्दों ने यह कयास तेज कर दिए कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

दल बदलने से इनकार

हालांकि सुप्रियो ने यह साफ कर दिया कि उनकी न तो भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की कोई मंशा है और न ही वे जल्द बंगाल छोड़ने की कोई योजना बना रहे हैं। उन्होंने दोनों ही अटकलों को सिरे से खारिज किया और अपने रुख पर कायम रहने का संकेत देते हुए जताया कि वे फिलहाल जहां हैं, वहीं बने हुए हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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