पति को सामान लाने भेजा और छह माह की बेटी को गोद में लेकर छठी मंजिल से कूदी टेक प्रोफेशनल, बीच मंझधार में हुआ चमत्कार क्राइम एक घंटा पहले 2
हैदराबाद में 37 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी छह महीने की बच्ची के साथ अपार्टमेंट की छठी मंजिल से छलांग लगा दी, जिसमें मां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्ची सोलर फेंस के तारों पर गिरकर चमत्कारिक ढंग से बच गई।

हैदराबाद से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहां आईटी क्षेत्र में काम करने वाली एक महिला ने अपनी महज छह महीने की मासूम बच्ची को गोद में लेकर अपार्टमेंट की छठी मंजिल से छलांग लगा दी। इस खौफनाक कदम के बाद 37 वर्षीय ईशा साहू की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि इसी दिल दहला देने वाले हादसे के बीच एक हैरान कर देने वाला चमत्कार भी देखने को मिला, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।

पुलिस के अनुसार, मां की गोद से छिटककर मासूम बच्ची अपार्टमेंट की बाउंड्री वॉल पर लगे सोलर फेंस के तारों पर जा गिरी। तारों के बीच फंस जाने के कारण उसके गिरने का वेग थम गया और इसी वजह से उसकी जान चमत्कारिक रूप से बच गई। बताया जा रहा है कि यह घटना शुक्रवार शाम की है, जिसका खुलासा शनिवार को पुलिस ने किया।

वारदात से जुड़ा अहम घटनाक्रम

  • छठी मंजिल से आत्मघाती कदम: आईटी सेक्टर में कार्यरत 37 वर्षीय ईशा साहू ने अपने अपार्टमेंट की छठी मंजिल से कूदकर जान दे दी।
  • मासूम का चमत्कारिक बचाव: मां के साथ नीचे गिरी छह महीने की बच्ची सोलर फेंसिंग के केबल्स पर अटक गई, जिससे उसकी जान बच गई।
  • वॉचमैन ने दिखाई तत्परता: पास के अपार्टमेंट के वॉचमैन ने जब बच्ची के रोने की आवाज सुनी तो उसने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए बच्ची को तारों से सुरक्षित बाहर निकाला।
  • अस्पताल में भर्ती: बच्ची को फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को खतरे से बाहर बताया है।
  • पति को बाजार भेजा था: यह कदम उठाने से ठीक पहले ईशा ने अपने पति को किसी काम से बाजार भेज दिया था और उनके लौटने से पहले ही यह खौफनाक कदम उठा लिया।
  • डिप्रेशन की आशंका: शुरुआती जांच के मुताबिक महिला छह महीने पहले हुई दूसरी बेटी के जन्म के बाद से ही गंभीर प्रसवोत्तर अवसाद से जूझ रही थी।

मृतका की पहचान और घटना का ब्योरा

हैदराबाद में यह कदम उठाने वाली 37 वर्षीय महिला की पहचान ईशा साहू के रूप में हुई है, जो पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं। उन्होंने शुक्रवार शाम को अपने अपार्टमेंट की छठी मंजिल से छलांग लगा दी।

कैसे बची मासूम की जान

छठी मंजिल से गिरने के बावजूद बच्ची इसलिए बच सकी क्योंकि वह बाउंड्री वॉल पर सुरक्षा के लिए लगाए गए सोलर फेंस के केबल्स पर जा गिरी और वहीं लटक गई। तारों ने उसके गिरने के वेग को थाम लिया, जिससे उसकी जान चमत्कारिक रूप से सुरक्षित रह गई।

आत्महत्या की वजह

आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले महिला ने अपने पति को किसी सामान के लिए पास की दुकान पर भेजा था और पति के लौटने से पहले ही उसने यह कदम उठा लिया। पुलिस के अनुसार, ईशा साहू छह महीने पहले अपनी छोटी बेटी के जन्म के बाद से ही गंभीर अवसाद से पीड़ित थीं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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