क्या आपको हेपेटाइटिस का टीका लगा है? ऐसे पता करें अपनी स्थिति और क्यों जरूरी है स्क्रीनिंग स्वास्थ्य 7 घंटे पहले 2
हेपेटाइटिस बी और सी को 'साइलेंट किलर' माना जाता है जो बिना किसी लक्षण के लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। अपनी इम्युनिटी जानने के लिए टेस्ट कराना जरूरी है और जानिए कि बिना रिकॉर्ड के आप टीकाकरण की स्थिति कैसे जांच सकते हैं।

हेपेटाइटिस की पहचान और सावधानी

हेपेटाइटिस बी और सी वायरस को चिकित्सा जगत में साइलेंट किलर माना जाता है, क्योंकि ये वायरस शरीर में लंबे समय तक रहने के बावजूद कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाते। इस दौरान ये धीरे धीरे लिवर को नुकसान पहुंचाते रहते हैं। यदि आपके पास यह जानकारी नहीं है कि आपको हेपेटाइटिस का टीका लगा है या नहीं, तो इसके बारे में पता लगाना बहुत आवश्यक है। इसके लिए आप किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर ब्लड टेस्ट करवा सकते हैं।

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, फरीदाबाद के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग में कंसल्टेंट, डॉक्टर निर्देश चौहान का मानना है कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक बार हेपेटाइटिस बी और सी की स्क्रीनिंग जरूर करानी चाहिए। कई बार जब मरीज में पीलिया, अत्यधिक थकान या पेट में पानी भरने जैसे स्पष्ट लक्षण दिखाई देते हैं, तब तक लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर जैसी गंभीर स्थिति विकसित हो चुकी होती है। हेपेटाइटिस बी के लिए HBsAg और हेपेटाइटिस सी के लिए Anti-HCV जैसे साधारण ब्लड टेस्ट करवाकर इस संक्रमण को समय रहते पकड़ा जा सकता है और प्रभावी इलाज संभव है।

टीका लगा है या नहीं, कैसे जानें?

वर्तमान में केवल हेपेटाइटिस ए और बी के लिए ही टीके बाजार में उपलब्ध हैं, हेपेटाइटिस सी का अब तक कोई टीका नहीं बना है। हेपेटाइटिस बी के खिलाफ आपके शरीर में कितनी सुरक्षा या इम्युनिटी मौजूद है, इसे जानने के लिए Anti-HBs (Hepatitis B Surface Antibody) टेस्ट सबसे भरोसेमंद तरीका है।

  • टाइटर 10 mIU/mL या अधिक: इसका सीधा मतलब है कि आपके शरीर में सुरक्षात्मक एंटीबॉडी मौजूद हैं और आप हेपेटाइटिस बी से सुरक्षित हैं।
  • टाइटर 10 mIU/mL से कम: यदि परिणाम इससे कम आता है, तो आप सुरक्षित नहीं माने जाएंगे। ऐसी स्थिति में यदि आपका HBsAg टेस्ट निगेटिव आता है, तो आपको डॉक्टर की सलाह से 3 खुराकों वाला प्राथमिक टीकाकरण शेड्यूल (0, 1 और 6 महीने) या बूस्टर डोज लगवाने की आवश्यकता होती है।

इम्युनिटी का स्रोत: वैक्सीनेशन या नेचुरल इन्फेक्शन

यदि आपका Anti-HBs टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो यह जानने के लिए कि यह इम्युनिटी आपको वैक्सीन से मिली है या किसी पुराने संक्रमण से ठीक होने के बाद बनी है, डॉक्टर Anti-HBc Total टेस्ट की सलाह देते हैं। यदि Anti-HBc निगेटिव है, तो इसका अर्थ है कि एंटीबॉडी वैक्सीन के कारण बनी है। इसके विपरीत, यदि Anti-HBc पॉजिटिव आता है, तो यह किसी पूर्व में हुए संक्रमण का संकेत होता है।

टीकाकरण का रिकॉर्ड और इतिहास

भारत सरकार ने 2007–2008 के आसपास राष्ट्रीय सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम यानी UIP में हेपेटाइटिस बी वैक्सीन को चरणबद्ध तरीके से शामिल किया था। यदि आपका जन्म इस समय से पहले हुआ है और आपके पास कोई लिखित वैक्सीनेशन रिकॉर्ड मौजूद नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में ब्लड सीरोलॉजी यानी Anti-HBs जांच ही एकमात्र सबसे सटीक और वैज्ञानिक तरीका है, जिससे आप अपनी टीकाकरण स्थिति का पता लगा सकते हैं।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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