एसबीआई की 444 दिनों वाली अमृत वृष्टि एफडी स्कीम: ब्याज दरों और निवेश की सीमा की पूरी जानकारी मेरा पैसा 2 घंटे पहले 6
भारतीय स्टेट बैंक की विशेष 444 दिनों की सावधि जमा योजना पर ग्राहकों को आकर्षक ब्याज दिया जा रहा है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त लाभ शामिल हैं।

भारतीय स्टेट बैंक में निवेश के शानदार अवसर

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए सावधि जमा यानी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर शानदार रिटर्न का प्रबंध किया है। बैंक अपने ग्राहकों को निवेश के लिए लचीले विकल्प देता है, जिसमें न्यूनतम 7 दिनों से लेकर अधिकतम 10 साल की अवधि तक का समय चुना जा सकता है। इन दिनों बैंक की विशेष 444 दिनों वाली 'अमृत वृष्टि' एफडी योजना काफी चर्चा में है। आइए जानते हैं कि इस विशेष योजना के तहत आपको कितना ब्याज मिल सकता है और इसमें निवेश की अधिकतम सीमा क्या तय की गई है।

सावधि जमा पर ब्याज दरें

बैंक की ओर से दी जाने वाली विभिन्न अवधि की एफडी पर ब्याज दरें 3.05 प्रतिशत से शुरू होकर अधिकतम 7.15 प्रतिशत तक जाती हैं। विशेष रूप से 444 दिनों की अमृत वृष्टि योजना के तहत बैंक 6.45 प्रतिशत से लेकर 7.05 प्रतिशत तक का सालाना ब्याज अपने ग्राहकों को दे रहा है।

444 दिनों की एफडी पर मिलने वाला रिटर्न

इस विशेष स्कीम के तहत अलग-अलग आयु वर्ग के लिए ब्याज की दरें भिन्न हैं:

  • 59 वर्ष तक की आयु वाले सामान्य ग्राहकों को 6.45 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है।
  • 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 6.95 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
  • 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के अति वरिष्ठ नागरिकों को 7.05 प्रतिशत का लाभ प्राप्त हो रहा है।

निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इस विशेष एफडी योजना के तहत आप अधिकतम 2,99,99,999 रुपये तक की राशि जमा कर सकते हैं।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त लाभ

भारतीय स्टेट बैंक वरिष्ठ नागरिकों के लिए हमेशा से ही खास सौगात लेकर आता है। इस स्कीम के तहत सामान्य ग्राहकों की तुलना में वरिष्ठ नागरिकों को 0.50 प्रतिशत अधिक ब्याज मिलता है। वहीं, जो ग्राहक 80 वर्ष से अधिक के हैं, उन्हें वरिष्ठ नागरिक श्रेणी के मुकाबले भी 0.10 प्रतिशत का अतिरिक्त ब्याज लाभ दिया जाता है, जिससे उनकी बचत पर कुल रिटर्न बढ़ जाता है।

ब्याज दरों में अंतिम बदलाव

बैंक की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी एफडी योजनाओं की ब्याज दरों में अंतिम बार संशोधन पिछले वर्ष दिसंबर महीने में किया था। उस समय किए गए बदलावों के बाद से अब तक दरों में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया गया है और पुरानी दरें ही वर्तमान में प्रभावी हैं।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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