ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए रोजाना कितनी देर टहलना है जरूरी? स्वास्थ्य 8 घंटे पहले 4
डायबिटीज और हाई ब्लड शुगर को मैनेज करने के लिए पैदल चलना एक बेहद प्रभावी उपाय माना जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, रोजाना पैदल चलने के सही समय और तरीके से ग्लूकोज लेवल को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है।

ब्लड शुगर बढ़ने की समस्या और पैदल चलने का महत्व

शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ना, जिसे चिकित्सीय भाषा में हाइपरग्लाइसीमिया के नाम से जाना जाता है, आज के समय में एक आम स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। हमारे शरीर का अग्न्याशय इंसुलिन नामक हार्मोन का उत्पादन करता है, जो भोजन से प्राप्त ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुंचाकर उसे ऊर्जा में बदलने का काम करता है। जब शरीर में इंसुलिन का उत्पादन अपर्याप्त हो जाता है या कोशिकाएं इसका सही उपयोग करने में असमर्थ रहती हैं, तो ग्लूकोज रक्त में ही जमा होने लगता है। इससे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पैदल चलना यानी वॉकिंग को एक बेहतरीन और सरल उपाय माना गया है। ग्रेटर नोएडा स्थित फोर्टिस अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन डायरेक्टर डॉ. दिनेश कुमार ने विस्तार से बताया है कि शुगर लेवल को स्थिर रखने के लिए किस तरह की एक्सरसाइज और वॉक रूटीन अपनाना चाहिए।

विशेषज्ञों की सलाह और पैदल चलने का सही नियम

नियमित शारीरिक सक्रियता डायबिटीज को नियंत्रित करने की कुंजी है। विशेषज्ञों का मानना है कि पैदल चलना सबसे आसान और प्रभावी व्यायाम है, जिसे कोई भी व्यक्ति अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना सकता है। नियमित वॉकिंग से शरीर की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और वे ग्लूकोज का बेहतर तरीके से उपयोग कर पाती हैं, जिससे रक्त में शर्करा का स्तर कम रहता है। सामान्य तौर पर, विशेषज्ञों द्वारा एक स्वस्थ वयस्क को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम स्तर की शारीरिक गतिविधि करने की सलाह दी जाती है। इसे आसान शब्दों में कहें तो, रोजाना लगभग 30 मिनट की तेज चाल से टहलना काफी फायदेमंद होता है। यदि किसी व्यक्ति के लिए एक बार में 30 मिनट चलना कठिन है, तो वह इसे 10-10 मिनट के तीन छोटे सेशन में भी पूरा कर सकता है, जिसके परिणाम भी काफी प्रभावी मिलते हैं।

डायबिटीज के मरीजों के लिए विशेष सावधानियां

जिन्हें पहले से डायबिटीज की समस्या है, उनके लिए भोजन के बाद टहलना अत्यधिक लाभकारी होता है। खाना खाने के बाद 10 से 15 मिनट की हल्की से मध्यम गति की वॉक शरीर को ग्लूकोज को तुरंत खपाने में सहायता करती है। हालांकि, पैदल चलने का समय और तीव्रता पूरी तरह से व्यक्ति की आयु, शारीरिक वजन, स्वास्थ्य स्थिति और फिटनेस स्तर पर निर्भर करती है। वॉक के दौरान यदि आपको अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आने की समस्या या सांस लेने में परेशानी महसूस हो, तो तुरंत रुक जाना चाहिए।

इंसुलिन या डायबिटीज की दवा लेने वाले मरीजों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि व्यायाम के दौरान ब्लड शुगर का स्तर बहुत नीचे न गिर जाए। अपनी एक्सरसाइज दिनचर्या शुरू करने से पहले चिकित्सक से परामर्श लेना अनिवार्य है। अंत में, यह समझना भी आवश्यक है कि केवल पैदल चलने से ही डायबिटीज का इलाज संभव नहीं है। इसे प्रभावी बनाने के लिए संतुलित आहार, भरपूर नींद, वजन नियंत्रण, दवाओं का नियमित सेवन और समय-समय पर ब्लड शुगर की मॉनिटरिंग करना बेहद जरूरी है।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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