फ्लेक्स-फ्यूल बाइक आखिर है क्या? जानिए यह नॉर्मल बाइक से कितनी अलग और क्या पेट्रोल का खर्च सच में होगा कम ऑटो 4 महीने पहले 77
हीरो मोटोकॉर्प ने 3 जून को देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकल लॉन्च की है। जानिए यह सामान्य पेट्रोल बाइक से कैसे अलग है और इथेनॉल मिश्रण से क्या असली फायदा मिलेगा।

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इन दिनों पर्यावरण के अनुकूल और जेब पर हल्की मानी जाने वाली फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी की चर्चा खूब हो रही है। देश की सबसे बड़ी दोपहिया निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने बीते 3 जून को भारतीय बाजार में अपनी पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकल उतार दी है। कंपनी ने स्प्लेंडर प्लस और एचएफ डीलक्स के फ्लेक्स-फ्यूल वेरिएंट्स को पेश किया है। ऐसे में आम लोगों के मन में स्वाभाविक सवाल है कि आखिर फ्लेक्स-फ्यूल बाइक होती क्या है, यह सामान्य बाइक से कितनी भिन्न है और क्या वाकई इससे पेट्रोल का खर्च घट सकता है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

नॉर्मल पेट्रोल बाइक से कितनी अलग है फ्लेक्स-फ्यूल बाइक

आम तौर पर सड़कों पर दौड़ने वाली सामान्य बाइक्स पूरी तरह 100% पेट्रोल पर चलती हैं। मगर हीरो की इस नई फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक वाली बाइक को सामान्य पेट्रोल के साथ-साथ इथेनॉल के मिश्रण पर भी आसानी से चलाया जा सकता है। इसका इंजन इतना उन्नत है कि इसमें 20 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत (E100) तक इथेनॉल का उपयोग किया जा सकता है। यानी यदि पेट्रोल की जगह पूरी तरह इथेनॉल भी भरना पड़े, तब भी यह बाइक बिना किसी अड़चन के स्मूथ परफॉर्मेंस देती रहेगी।

फ्लेक्स-फ्यूल इंजन में किए गए 3 खास बदलाव

अगर किसी सामान्य इंजन में सीधे इथेनॉल डाल दिया जाए तो उसमें जंग लगने और परफॉर्मेंस गड़बड़ाने का खतरा बना रहता है। इसी कारण हीरो मोटोकॉर्प ने स्प्लेंडर प्लस और एचएफ डीलक्स के इन वेरिएंट्स में कुछ विशेष तकनीकी सुधार किए हैं:

  • स्मार्ट फ्यूल सेंसर: इंजन में एक खास फ्यूल कंपोजीशन सेंसर लगाया गया है, जो टैंक में मौजूद पेट्रोल और इथेनॉल के अनुपात को स्वयं पहचान लेता है और इंजन की सेटिंग को उसी के अनुरूप समायोजित कर देता है।
  • एंटी-कोरोसिव कोटिंग: इथेनॉल में हल्की नमी होती है, जिससे पाइप और टैंक खराब हो सकते हैं। इसे रोकने के लिए बाइक के फ्यूल पंप, इंजेक्टर्स और फ्यूल टैंक के भीतरी हिस्सों पर विशेष कोटिंग की गई है।
  • एडवांस्ड ECU: इंजन की हीटिंग और स्पार्क प्लग की टाइमिंग को नियंत्रित करने के लिए इसमें नई पीढ़ी का इंजन कंट्रोल यूनिट (ECU) सॉफ्टवेयर दिया गया है।

आम जनता को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा क्या

  • स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स अपनी बेहतरीन माइलेज के लिए ही पहचानी जाती हैं। कंपनी का दावा है कि फ्लेक्स-फ्यूल इंजन के साथ भी इनकी माइलेज और पिकअप को पहले जैसा बरकरार रखा गया है।
  • इथेनॉल पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल ईंधन है, जो गन्ने और अनाज के अवशेषों से तैयार होता है। इससे कार्बन उत्सर्जन बेहद कम होता है, जिससे शहरों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है।

क्या आधा हो जाएगा पेट्रोल का खर्च

फ्लेक्स-फ्यूल बाइक से पेट्रोल का खर्च आधा तो नहीं होगा, लेकिन सामान्य बाइक में e-20 पेट्रोल से होने वाले कुछ नुकसानों से जरूर बचा जा सकता है। गौरतलब है कि सरकार ने देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर e-20 पेट्रोल को अनिवार्य कर दिया है। चूंकि इथेनॉल हमारे देश के किसानों द्वारा गन्ने और अनाज से तैयार किया जाता है, इसलिए इसका लाभ देश की अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा।

सुमित बंसल पाबना के ऑटो एवं बिजनेस रिपोर्टर हैं, जो कार, बाइक और ऑटो उद्योग की खबरें कवर करते हैं। नई गाड़ियों के लॉन्च, फीचर्स, कीमत और ईवी जैसे बदलते रुझानों पर वे विस्तार से लिखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स खरीदारों को सही फैसला लेने में मदद करती हैं।

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