वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर सीएम योगी की भावुक पाती— 'सूने होते घर और बढ़ते वृद्धाश्रम मन को व्यथित करते हैं' उत्तर प्रदेश 2 घंटे पहले 3
विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम चिट्ठी लिखकर माता-पिता की सेवा का आह्वान किया। उन्होंने वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह पेंशन समेत कई योजनाओं का जिक्र किया।

विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम एक भावुक पत्र लिखा है। इस चिट्ठी में उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि आज घर सूने पड़ रहे हैं और वृद्धाश्रमों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो मन को व्यथित करने वाली स्थिति है। मुख्यमंत्री ने श्रवण कुमार और भगवान राम के उदाहरण देकर लोगों को अपने माता-पिता की सेवा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने रेखांकित किया कि सनातन संस्कृति में माता-पिता और गुरु को साक्षात ईश्वर का दर्जा दिया गया है, और सरकार वृद्धजनों के सम्मान, स्वास्थ्य तथा गरिमापूर्ण जीवन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह पेंशन प्रदान करेगी। निराश्रित महिलाओं को आयुष्मान भारत तथा आवास योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा। उन्होंने बुजुर्गों से बीमारियों से बचाव के लिए योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की और बताया कि इस वर्ष 21 जून को मनाए जाने वाले योग दिवस की थीम भी 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' रखी गई है।

मुख्यमंत्री की पाती की मुख्य बातें

अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने लिखा कि सम्मानित प्रदेशवासियों, आज घर सूने हो रहे हैं और वृद्धाश्रम बढ़ रहे हैं— यह तथ्य मन को व्यथित करता है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि आखिर यह स्थिति क्यों उत्पन्न हुई और कहा कि विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर एक संवेदनशील नागरिक के नाते हम सभी को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

उन्होंने लिखा कि जो माता-पिता अपनी संतान का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर देते हैं, वही जीवन के चौथे पड़ाव पर अकेले रह जाते हैं। आज की जीवनशैली में युवा रोजगार के कारण घर से दूर रहते हैं, और इच्छा होने के बावजूद वृद्ध माता-पिता की देखभाल के लिए घर में कोई मौजूद नहीं होता। उन्होंने कहा कि जीवन के अमृतकाल में वृद्धजनों को अपनेपन की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, परंतु दुर्भाग्यवश समाज ऐसे समय का साक्षी बन रहा है जब उन्हें अपनों का दुर्व्यवहार तक सहना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय को भी अपने आदेशों में उन मूल्यों और दायित्वों की याद दिलानी पड़ रही है, जो सनातन के मूलभाव हैं।

सनातन परंपरा में माता-पिता का स्थान

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में सनातन संस्कृति का उल्लेख करते हुए लिखा कि इसमें माता-पिता और गुरु को साक्षात ईश्वर माना जाता है। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की कथा का स्मरण कराया, जिसमें उन्होंने अपने पुत्रों भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय के सामने समस्त जगत की परिक्रमा की चुनौती रखी थी। तब भगवान गणेश ने अपने माता-पिता को ही संपूर्ण सृष्टि मानकर उनकी परिक्रमा कर ली और यह संदेश दिया कि माता-पिता के चरणों में ही सभी लोकों और तीर्थों का वास है। बुद्धि, श्रद्धा और संस्कार से युक्त इसी दृष्टिकोण ने भगवान गणेश को प्रथम पूज्य होने का गौरव दिलाया।

उन्होंने आगे लिखा कि श्रवण कुमार की कथा से हम सभी परिचित हैं, और भगवान श्रीराम ने तो अपने माता-पिता का मान रखने के लिए 14 वर्ष का वनवास स्वीकार करने में भी तनिक संकोच नहीं किया। मुख्यमंत्री के अनुसार सनातन धार्मिक रीति-रिवाजों, सामाजिक परंपराओं, पारिवारिक संबंधों और मूल्यों पर आधारित जीवनशैली है, जिसमें बड़ों का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने की परंपरा है, क्योंकि वे हमारे अनुभव, संस्कृति और जीवन मूल्यों के सच्चे धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों का सम्मान केवल संस्कार ही नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली सभ्यता की पहचान है।

वृद्धजनों और महिलाओं के लिए सरकारी योजनाएं

मुख्यमंत्री ने पत्र में बताया कि वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं का सम्मानपूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए ही प्रदेश सरकार ने ₹1,500 प्रति माह पेंशन देने का निर्णय लिया है। निराश्रित महिलाओं को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि वे गरिमापूर्ण जीवन व्यतीत कर सकें। इसके अतिरिक्त उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

योग अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने सभी वृद्धजनों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने परिवार, समाज और देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया है। उन्होंने आग्रह किया कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए योग को अवश्य अपनाएं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि संयोगवश इस वर्ष 21 जून को मनाए जाने वाले 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' की थीम भी 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह महज एक थीम नहीं, बल्कि वृद्धजनों के सम्मान, स्वास्थ्य और गरिमापूर्ण जीवन को समर्पित एक वैश्विक संकल्प है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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