बिहार
एक महीने पहले
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विचारों
खेती में नया बदलाव
बिहार के कृषि क्षेत्र में अब पारंपरिक फसलों के अलावा सब्जियों की आधुनिक खेती का चलन तेजी से अपना लिया गया है। किसान भाई अब पारंपरिक फसलों के साथ ऐसी किस्मों का चुनाव कर रहे हैं जिनसे कम लागत में ज्यादा उत्पादन मिल सके। इसी दिशा में भिंडी की एक उन्नत किस्म काफी चर्चा में है जिसे सागा भिंडी के नाम से पहचाना जाता है।
सागा भिंडी की खासियत
सागा भिंडी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पैदावार की क्षमता है, जो आम भिंडी की तुलना में काफी ज्यादा होती है। यह भिंडी खाने में बेहद मुलायम होती है और बाजार में इसकी मांग भी काफी बनी रहती है। इसकी खेती से किसानों को कम समय में बेहतर मुनाफा कमाने का मौका मिल रहा है। सागा भिंडी की खेती की सबसे बड़ी खूबी यह है कि बुवाई के महज 45 दिन के भीतर ही यह फसल उत्पादन देने लगती है, जिससे किसानों को तेजी से कमाई शुरू करने में मदद मिलती है।
सफल किसान की मिसाल
इस उन्नत किस्म के जरिए मुनाफे की एक मिसाल पूर्वी चम्पारण जिले के तुरकौलिया प्रखंड के अमवा गांव से सामने आई है। यहां के रहने वाले प्रगतिशील किसान विजय यादव ने अपने खेतों में सागा भिंडी को उगाया है। उन्होंने न केवल इस किस्म को अपनाया है बल्कि इसके जरिए वे नियमित रूप से शानदार मुनाफा भी कमा रहे हैं। उनकी सफलता से प्रभावित होकर अब आसपास के अन्य किसान भी भिंडी की इस किस्म को अपने खेतों में आजमाने की तैयारी कर रहे हैं।
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