MP High Court ने SSE-2025 मुख्य परीक्षा पर लगी रोक हटाई, करीब 4,000 अभ्यर्थियों को राहत मध्य प्रदेश 2 महीने पहले 40
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने MPPSC की राज्य सेवा परीक्षा (SSE)-2025 की मुख्य परीक्षा पर लगी अंतरिम रोक गुरुवार को हटा दी, जिससे करीब 4,000 अभ्यर्थियों का लंबा इंतजार खत्म हुआ। मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने MPPSC (मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग) की राज्य सेवा परीक्षा (SSE)-2025 की मुख्य परीक्षा पर लगी अंतरिम रोक गुरुवार को हटा दी। इस फैसले से उन करीब 4,000 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है जो उप जिलाधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार और अन्य राज्य स्तरीय पदों पर नियुक्ति के लिए करीब एक साल से इंतजार कर रहे थे। प्रारंभिक परीक्षा पास कर चुके ये अभ्यर्थी अब मुख्य परीक्षा में बैठ सकेंगे।

खंडपीठ ने गुरुवार को सुनाया आदेश

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश Vivek Rusia और न्यायमूर्ति Pradeep Mittal की खंडपीठ ने परीक्षा प्रक्रिया के कुछ प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। उच्च न्यायालय ने 2 अप्रैल 2025 को आदेश दिया था कि अदालत की अनुमति के बिना SSE-2025 की मुख्य परीक्षा नहीं कराई जा सकती।

याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता Rameshwar Thakur ने दलील रखी कि इन याचिकाओं पर नजदीकी भविष्य में अंतिम फैसला आने की संभावना नहीं है। इसलिए मुख्य परीक्षा पर लगी रोक फिलहाल हटाई जाए और बाकी कानूनी मुद्दों पर बाद में अलग से सुनवाई हो। खंडपीठ ने यह तर्क स्वीकार करते हुए अंतरिम रोक हटा दी और MPPSC को मुख्य परीक्षा कराने की अनुमति दे दी।

याचिकाओं में उठाए गए ये अहम सवाल

Rameshwar Thakur के मुताबिक याचिकाओं में मुख्य रूप से ये मुद्दे उठाए गए हैं:

  • SSE-2025 की प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों में श्रेणीवार कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए गए, जिसकी संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है।
  • आरक्षित वर्ग के मेधावी अभ्यर्थियों का चयन अनारक्षित पदों पर नहीं किया गया।
  • आयु सीमा में छूट और अन्य रियायतों का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को अनारक्षित श्रेणी में नहीं रखा गया।

MPPSC ने सीलबंद लिफाफे में दिए कट-ऑफ अंक

सुनवाई के दौरान MPPSC ने श्रेणीवार कट-ऑफ अंक सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंप दिए। हालांकि याचिकाओं में उठाए गए अन्य सवालों पर आयोग की तरफ से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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