राजस्थान
2 घंटे पहले
4
विचारों
राजस्थान में फिर छाए बादल
राजस्थान में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 30 जुलाई से बारिश का नया दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के इस सक्रिय स्वरूप के चलते राज्य के कई इलाकों में भारी से लेकर अत्यधिक भारी स्तर तक की बारिश हो सकती है। इस दौरान मौसम विभाग ने विशेष रूप से मेघगर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए आमजन को पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी है। यात्रियों से यह अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान की सटीक जानकारी जरूर देख लें।
किन इलाकों में होगी बारिश?
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के पास बनी मौसमी प्रणालियों के असर से राज्य के कई संभागों में वर्षा की गतिविधियां तेज होने वाली हैं। 30 जुलाई से कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर, उदयपुर और बीकानेर संभाग के कुछ क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार बढ़ेगी। इन इलाकों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और बादलों के गरजने का अंदेशा जताया गया है। मुख्य रूप से प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी अंचलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
2 अगस्त तक मानसून का प्रभाव
30 जुलाई से 2 अगस्त तक का समय राजस्थान के लिए बेहद अहम रहने वाला है। इस समयावधि के दौरान पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून का असर रहेगा। इन चार दिनों के भीतर कहीं मध्यम तो कहीं भारी से बहुत अधिक बारिश होने का अनुमान है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी मानसून फिर से सक्रिय होगा, जिससे इन इलाकों में मध्यम से भारी स्तर की बारिश होने की पूरी उम्मीद है।
कोटा और उदयपुर के लिए विशेष अलर्ट
खास तौर पर कोटा और उदयपुर के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के जिलों में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। यहाँ निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने और स्थानीय नदियों व नालों में जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है। उन जिलों में ज्यादा सावधानी बरती जानी चाहिए जहाँ पहले से ही अच्छी बारिश हो चुकी है, क्योंकि वहां जलभराव की स्थिति जल्दी पैदा हो सकती है।
सुरक्षा के लिए क्या करें?
भारी बारिश के दौरान आवाजाही में मुश्किलें आ सकती हैं। सड़कों पर फिसलन हो सकती है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर यातायात प्रभावित होने की पूरी संभावना है। बिजली गिरने के खतरे को ध्यान में रखते हुए लोगों को खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास रुकने से पूरी तरह बचना चाहिए। इसके अलावा, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के आसपास भी 30 जुलाई को सुबह से देर रात तक अच्छी बारिश के आसार बने हुए हैं। आम जनता को आईएमडी (IMD) के ताजा निर्देशों का पालन करते हुए ही अपने घरों से बाहर निकलना चाहिए।
Comments
0 comment