बरसात और बाढ़ के बीच बढ़ा सांपों का खतरा: काटने पर झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, डॉक्टर की ये सलाह बचा सकती है जान जीवनशैली एक घंटा पहले 4
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बाढ़ और बारिश के चलते सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सांप के काटने पर अंधविश्वास से बचने और तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी है।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई क्षेत्रों में इन दिनों आफत की बारिश और बाढ़ के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच स्थानीय लोगों के लिए एक और बड़ा खतरा पैदा हो गया है, और वह है जहरीले सांपों का निकलना। लगातार हो रही भारी बारिश और खेतों से लेकर रास्तों तक हुए जलभराव की वजह से सांपों के प्राकृतिक ठिकाने यानी उनके बिल पानी से पूरी तरह भर चुके हैं। अपनी जान बचाने और सूखे व सुरक्षित स्थानों की तलाश में ये जीव अब रिहाइशी इलाकों की तरफ रुख कर रहे हैं। इस वजह से लोगों के घरों, पशुओं के बाड़ों, कबाड़ के ढेरों और खेतों में सांपों के पाए जाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता में दहशत का माहौल है।

बिजुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आए मामले

बाढ़ और बारिश के इस मौसम में लखीमपुर खीरी के बिजुआ इलाके से सांप काटने के कई मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुआ से मिले आंकड़ों के अनुसार, पिछले महज 15 दिनों के भीतर ही सांप के काटने से पीड़ित कम से कम 9 लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच चुके हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है और ग्रामीण इलाकों में लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों को यह समझाया जा रहा है कि सांप के काटने पर घबराने की जगह तुरंत सही कदम उठाना कितना जरूरी है।

क्या सभी सांप जहरीले होते हैं? जानिए चिकित्सक की राय

बिजुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. नसीमुद्दीन ने इस विषय पर बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि हमारे पर्यावरण में पाए जाने वाले सभी सांप जहरीले नहीं होते हैं। वास्तव में सांपों की कई ऐसी प्रजातियां हैं जो पूरी तरह से बिना जहर वाली होती हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि अगर किसी व्यक्ति को सांप काट लेता है, तो बिना किसी डॉक्टरी जांच के खुद ही यह मान लेना कि सांप जहरीला नहीं था, बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकता है।

डॉक्टर नसीमुद्दीन के अनुसार, सांप के काटने के बाद बिना एक भी पल गंवाए पीड़ित व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। यदि किसी जहरीले सांप ने काटा भी हो, तो भी अगर सही समय पर पीड़ित को उचित चिकित्सकीय उपचार मिल जाए, तो उसकी जान बचाई जा सकती है।

झाड़-फूंक के चक्कर में गंवाई जा रही कीमती जान

ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में आज भी जागरूकता की कमी के कारण लोग एक बड़ी गलती कर बैठते हैं। सांप काटने के बाद कई परिवार पीड़ित को सीधे अस्पताल ले जाने के बजाय स्थानीय ओझाओं या पारंपरिक वैद्यों के पास झाड़-फूंक कराने के लिए ले जाते हैं। डॉक्टर नसीमुद्दीन ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस अंधविश्वास के चक्कर में लोग बहुत ही कीमती समय बर्बाद कर देते हैं। इलाज में होने वाली यही देरी मरीज की स्थिति को अत्यंत नाजुक बना देती है और कई बार डॉक्टरों के चाहने के बावजूद मरीज को बचाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए पारंपरिक नुस्खों के बजाय आधुनिक चिकित्सा पर भरोसा करना ही समझदारी है।

सांप काटने पर अपनाएं ये जरूरी दिशा-निर्देश

अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो तुरंत कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि जहर को शरीर में फैलने से रोका जा सके और मरीज की स्थिति न बिगड़े:

  • मरीज को शांत रखें: सांप काटने के बाद सबसे ज्यादा जरूरी है कि पीड़ित व्यक्ति को शांत रखा जाए और उसे बिल्कुल भी घबराने न दिया जाए।
  • भागदौड़ से बचें: घबराहट में इधर-उधर भागने या हलचल करने से शरीर में रक्त का संचार बहुत तेजी से बढ़ने लगता है, जिससे सांप का जहर पूरे शरीर में बहुत तेजी से फैल सकता है।
  • प्रभावित हिस्से को स्थिर रखें: जिस स्थान पर सांप ने काटा है, उस अंग को ज्यादा हिलाएं-डुलाएं नहीं।
  • बिना देरी अस्पताल ले जाएं: पीड़ित को जल्द से जल्द किसी सुसज्जित सरकारी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं जहां सांप के जहर की काट के इंजेक्शन उपलब्ध हों।

बरसात के मौसम में बरतें ये सावधानियां

बाढ़ और बारिश के दिनों में सांपों के हमले से सुरक्षित रहने के लिए अपने रोजमर्रा के जीवन में कुछ सावधानियां बरतनी बेहद आवश्यक हैं:

  • अंधेरे में टॉर्च का इस्तेमाल करें: बरसात के मौसम में रात के समय घर से बाहर निकलते समय हमेशा टॉर्च या अपने मोबाइल फोन की रोशनी का उपयोग करें। अंधेरे रास्तों पर बिना रोशनी के चलने की भूल न करें।
  • नंगे पैर न चलें: खेतों, घास-फूस वाले रास्तों या पानी से भरे स्थानों पर नंगे पैर चलने से बचें। हमेशा मजबूत जूते पहनकर ही बाहर निकलें।
  • झाड़ियों और खेतों में सतर्कता: खेतों में काम करते समय या झाड़ियों के पास से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।
  • घर के आसपास सफाई रखें: अपने घर के आस-पास घास-फूस, सूखी लकड़ियों, ईंटों के ढेरों या कबाड़ को लंबे समय तक जमा न होने दें। ऐसी सूखी और अंधेरी जगहें सांपों के छिपने के लिए सबसे पसंदीदा ठिकाने होती हैं।
चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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