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एक घंटा पहले
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दिन की शुरुआत अगर पौष्टिक नाश्ते से हो, तो सेहत को बनाए रखना आसान हो जाता है। जब हेल्दी ब्रेकफास्ट की बात चलती है, तो सबसे पहले दलिया और ओट्स का नाम लिया जाता है। दोनों ही फाइबर, विटामिन और मिनरल से भरे होते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग यह तय नहीं कर पाते कि इन दोनों में से किसका सेवन उन्हें अधिक लाभ देगा। आइए, दोनों के बीच के अंतर को समझें और जानें कि आपकी नाश्ते की थाली में किसे जगह देना ज्यादा फायदेमंद रहेगा।
दलिया क्या है?
दलिया गेहूं को मोटा-मोटा पीसकर तैयार किया जाता है और यह लंबे समय से भारतीय रसोई में नाश्ते का अहम हिस्सा रहा है। इसमें कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद रहते हैं। दलिया धीरे-धीरे पचता है, जिसकी वजह से पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
ओट्स क्या हैं?
ओट्स एक साबुत अनाज है, जिसे खास तौर पर इसकी उच्च फाइबर मात्रा के लिए जाना जाता है। इसमें बीटा-ग्लूकेन नाम का एक खास फाइबर पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल घटाने और दिल को स्वस्थ रखने में मददगार होता है। ओट्स जल्दी तैयार हो जाते हैं और वजन घटाने की कोशिश में लगे लोगों के बीच काफी पसंद किए जाते हैं।
दोनों में बुनियादी अंतर
दलिया यानी टूटे हुए गेहूं में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा थोड़ी अधिक होती है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। वहीं ओट्स में प्रोटीन और घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं, जो पाचन और हृदय की सेहत के लिए बेहद उपयोगी माने जाते हैं।
आपके लिए कौन-सा बेहतर?
अगर आप दिनभर एनर्जी का स्तर बनाए रखना चाहते हैं और पारंपरिक भारतीय भोजन को तरजीह देते हैं, तो दलिया आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। दूसरी ओर, अगर आपका लक्ष्य वजन को नियंत्रण में रखना और कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम बनाए रखना है, तो ओट्स ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
असल में दोनों ही सेहत के लिहाज से लाभकारी हैं। आप अपनी जरूरत और सेहत की स्थिति के आधार पर इनमें से किसी एक को चुन सकते हैं। बेहतर परिणाम पाने के लिए आप पूरे हफ्ते दलिया और ओट्स को बारी-बारी से अपने नाश्ते में शामिल कर सकते हैं।
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