छात्रों के लिए हो वन टाइम फीस की व्यवस्था! NEET-CBSE और OTF के मुद्दे पर सड़कों पर उतरी यूथ कांग्रेस, सरकार पर साधा निशाना मध्य प्रदेश एक महीने पहले 48
NEET और CBSE से जुड़े कथित घोटालों तथा मध्य प्रदेश में वन टाइम फीस (OTF) लागू करने की मांग को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस ने बुधवार को ग्वालियर में रैली निकाली। रैली में संगठन के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई नेता शामिल हुए।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भारतीय युवा कांग्रेस ने शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। NEET और CBSE से जुड़े कथित घोटालों के साथ-साथ राज्य में वन टाइम फीस (OTF) लागू करने की मांग को लेकर संगठन ने बुधवार को सड़कों पर उतरकर रैली निकाली।

रैली में शामिल हुए कई बड़े नेता

इस युवा रैली में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान चिब, मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी, कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह तथा पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कई कांग्रेस विधायक मौजूद रहे। बड़ी संख्या में युवाओं ने इस आयोजन में हिस्सा लिया।

किसने किया आयोजन

OTF रैली का आयोजन अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मितेंद्र दर्शन सिंह ने किया था। उन्हीं की अगुवाई में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें छात्रों से जुड़ी मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।

वन टाइम फीस की मांग

युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान चिब ने कहा कि छात्रों के लिए वन टाइम फीस की व्यवस्था होनी चाहिए। उनका आरोप था कि बीजेपी सरकार देश के साथ-साथ मध्य प्रदेश के मध्यवर्गीय और गरीब वर्ग के युवाओं पर परीक्षा फीस के रूप में हजारों रुपये का बोझ डाल रही है।

पेपर लीक पर जताई चिंता

चिब ने कहा कि इतनी भारी फीस देने के बावजूद कई जगह पेपर लीक हो जाते हैं, जिससे छात्रों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इन सब हालात के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की।

कांग्रेस का छात्रों को समर्थन

उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की मांगों को लेकर कांग्रेस पूरी तरह उनके साथ खड़ी है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस की सरकार आएगी, तब इस व्यवस्था को लागू भी किया जाएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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