हरियाणा
एक घंटा पहले
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गुरुग्राम में देर रात ड्रंक एंड ड्राइविंग की जांच के दौरान एक रिटायर्ड सैन्य अधिकारी (मेजर) और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच हुआ हाई-प्रोफाइल विवाद अब और गहरा गया है। इस घटना को लेकर मेजर के परिवार और पुलिस के अपने-अपने दावे सामने आ रहे हैं, जिससे पूरा मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
परिवार के आरोप और पुलिस का जवाब
मेजर के परिवार ने जांच के दौरान पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया था। हालांकि गुरुग्राम पुलिस ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि उसके कर्मचारियों ने पूरी प्रक्रिया के दौरान शालीनता और मर्यादा का पालन किया।
बॉडी कैमरे की फुटेज आई सामने
आरोपों का जवाब देने के लिए डीसीपी ट्रैफिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बॉडी वॉर्न कैमरा (Body Worn Camera) की फुटेज मीडिया के सामने जारी की। पुलिस का दावा है कि इस फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार पूरी तरह मर्यादित और सम्मानजनक रहा।
नियम को लेकर पुलिस का स्पष्टीकरण
डीसीपी ने इस मौके पर यह भी स्पष्ट किया कि परिवार के साथ होने की स्थिति में ड्रंक एंड ड्राइविंग के चालान से किसी प्रकार की छूट देने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में तो उल्टा कार्रवाई सबसे पहले की जाएगी।
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