गुना: सांप के डंसने पर झाड़-फूंक में बीतते रहे घंटे, हालत बिगड़ी तो दौड़े अस्पताल, पर नहीं बची 6 साल की मासूम मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 3
मध्य प्रदेश के गुना में अंधविश्वास ने 6 साल की हर्षिता की जान ले ली। सांप काटने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक के लिए देवस्थल ले गए और समय पर इलाज न मिलने से बच्ची ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

मध्य प्रदेश के गुना से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां अंधविश्वास ने एक बार फिर एक मासूम की जान ले ली। जिला मुख्यालय के नजदीक स्थित ग्राम हिलगना में सांप के काटने के बाद समय पर सही इलाज न मिलने के कारण 6 साल की हर्षिता की मौत हो गई। यदि परिजन उसे वक्त रहते अस्पताल पहुंचा देते, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

खेलते समय जहरीले सांप ने डंसा

मिली जानकारी के अनुसार, हिलगना के रहने वाले रामनारायण लोधा का परिवार अपने खेत पर ही घर बनाकर रहता है। रविवार सुबह करीब 6 बजे उनकी बेटी हर्षिता घर के भीतर खेल रही थी। इसी दौरान कहीं से रेंगते हुए आए एक जहरीले सांप ने उसे डंस लिया। सांप के काटते ही दर्द से तड़पकर बच्ची जोर-जोर से चीखने लगी।

अस्पताल के बजाय देवस्थल ले गए परिजन

बेटी की चीख सुनकर घबराए परिजनों ने समझदारी दिखाने के बजाय अंधविश्वास का रास्ता अपना लिया। हर्षिता को तुरंत जिला अस्पताल ले जाने के बजाय वे उसे ग्राम बोरखेड़ा में स्थित एक देवस्थल पर ले गए। वहां तंत्र-मंत्र के जरिए जहर उतरवाने की कोशिशें शुरू कर दी गईं।

झाड़-फूंक में बर्बाद हुआ कीमती समय

झाड़-फूंक के चक्कर में परिजनों ने कई घंटों का बेशकीमती वक्त गंवा दिया। समय पर चिकित्सा उपचार न मिलने के कारण सांप का जहर धीरे-धीरे बच्ची के पूरे शरीर में फैलता गया। नतीजतन हर्षिता की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और उसकी स्थिति बेहद नाजुक हो गई।

रास्ते में ही टूट गईं सांसें

जब बच्ची की हालत काबू से बाहर होने लगी, तब जाकर परिजन सहम गए और उसे लेकर जिला अस्पताल की ओर दौड़े। मगर तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम हर्षिता ने रास्ते में दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

यह घटना समाज में फैले अंधविश्वास के खतरनाक नतीजों को उजागर करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ हमेशा से कहते आए हैं कि सर्पदंश जैसी स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। सही समय पर दिया गया एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन किसी की जान बचा सकता है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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