बेटी के जन्म पर अनोखा जश्न: गुब्बारों से सजी गाड़ी पर पोस्टर लगाकर घर ले गया गोपालगंज का यह परिवार बिहार एक घंटा पहले 2
बिहार के गोपालगंज में एक परिवार ने बेटी के जन्म को उत्सव की तरह मनाया। मॉडल सदर अस्पताल से नवजात को घर ले जाने के लिए किराये की गाड़ी को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया और उस पर 'बेटी हुई है' का पोस्टर लगाया गया।

बिहार के गोपालगंज जिले से सामाजिक बदलाव और बेटियों के सम्मान की एक बेहद खूबसूरत और दिल को छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है। आमतौर पर समाज में आज भी कई जगहों पर बेटे के जन्म पर जमकर खुशियां मनाई जाती हैं, लेकिन गोपालगंज के एक परिवार ने बेटी के जन्म को किसी बड़े त्योहार की तरह मनाकर समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की है। मॉडल सदर अस्पताल में जब इस परिवार के घर नन्ही परी ने जन्म लिया, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस खुशी को यादगार बनाने के लिए परिवार ने अपनी लाडली का स्वागत बहुत ही अनोखे और भव्य अंदाज में किया, जिसे देखकर अस्पताल परिसर में मौजूद हर शख्स की आंखें खुशी से चमक उठीं।

गुब्बारों और फूलों से सजी कार बनी आकर्षण का केंद्र

इस अनोखे स्वागत के लिए परिवार ने विशेष तैयारी की थी। नवजात बच्ची और उसकी मां को अस्पताल से घर वापस ले जाने के लिए एक किराये की बहुपयोगी कार आर्टिगा की व्यवस्था की गई थी। इस कार को साधारण तरीके से ले जाने के बजाय, उसे रंग-बिरंगे गुब्बारों और खूबसूरत फूलों की मालाओं से पूरी तरह सजाया गया था। सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह थी कि कार के आगे एक बड़ा सा पोस्टर लगाया गया था, जिस पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था, 'बेटी हुई है'। सजावट और इस खास संदेश को देखकर अस्पताल से लेकर रास्ते भर लोग ठहर गए और इस खूबसूरत पल को अपनी आंखों में कैद करने लगे।

घर में हुआ साक्षात लक्ष्मी का आगमन

यह पूरा मामला गोपालगंज के सदर प्रखंड के अंतर्गत आने वाले फतहा गांव का है। यहां के रहने वाले राहुल कुमार और उनकी पत्नी निशा कुमारी के घर में पहली संतान के रूप में इस नन्ही बच्ची का जन्म हुआ है। जैसे ही डॉक्टरों ने बच्ची के जन्म की जानकारी दी, पूरे परिवार में जश्न का माहौल बन गया। नवजात बच्ची की दादी फूलमती देवी इस अवसर पर भावुक हो गईं। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके घर में स्वयं साक्षात लक्ष्मी का आगमन हुआ है। दादी ने कहा कि यह उनके पूरे परिवार के लिए जीवन की सबसे बड़ी और अनमोल खुशी की बात है, इसलिए इसका स्वागत भी सबसे खास होना चाहिए था।

सरकारी अस्पताल के प्रति जताया आभार

इस बेहद खास मौके पर बच्ची के पिता राहुल कुमार और अन्य परिजनों ने गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल के डॉक्टरों के साथ-साथ पूरे स्वास्थ्यकर्मियों की टीम के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया। राहुल कुमार का कहना था कि अस्पताल के चिकित्सकों और नर्सों ने उनकी पत्नी की बहुत अच्छी तरह से देखभाल की और इलाज की बेहतरीन सुविधाएं प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। इसके साथ ही, उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि लोग सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं पर भरोसा रखें और अपने घरों में बेटियों के जन्म को पूरे गर्व, सम्मान और हर्षोल्लास के साथ मनाएं।

समाज को मिला समानता का संदेश

इस अनोखे उत्सव और विदाई की चर्चा अब पूरे गोपालगंज में हो रही है। मॉडल सदर अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों, उनके साथ आए रिश्तेदारों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों ने इस पहल की दिल खोलकर तारीफ की है। लोगों का कहना है कि जब तक समाज में बेटियों का स्वागत इस तरह उत्सव के रूप में नहीं किया जाएगा, तब तक लैंगिक समानता की बातें अधूरी रहेंगी। गोपालगंज के इस साधारण परिवार ने अपनी इस छोटी सी लेकिन बेहद प्रभावशाली पहल से समाज को यह कड़ा संदेश दिया है कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि घर का गौरव और असली खुशियां होती हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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