सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, चांदी ₹6000 टूटी; जानें 24 कैरेट सोने का ताजा भाव व्यापार एक महीने पहले 24
सोमवार को MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई, जहां चांदी एक ही दिन में ₹6,000 से ज्यादा लुढ़क गई और सोना भी करीब ₹2,000 सस्ता हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार की कमजोरी और निवेशकों की बदली रणनीति का असर घरेलू कीमतों पर साफ दिख रहा है।

सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में तीखी गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों ही कीमती धातुएं दबाव में कारोबार करती नजर आईं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चांदी एक ही दिन के भीतर ₹6,000 से अधिक टूट गई, वहीं सोने के दाम में भी करीब ₹2,000 की कमी आई। निवेश के लिहाज से सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है।

MCX पर फिसले सोने-चांदी के भाव

सोमवार सुबह MCX पर 10 ग्राम सोने का दाम घटकर करीब ₹1.54 लाख के स्तर पर आ गया, जो बीते कारोबारी सत्र की तुलना में करीब ₹2,000 कम है। दूसरी ओर चांदी में जबरदस्त गिरावट दर्ज हुई और इसकी कीमत लुढ़ककर लगभग ₹2.41 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। जानकारों के मुताबिक वैश्विक बाजार की सुस्ती और निवेशकों के बदलते रुख का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है।

वैश्विक बाजार में भी कायम दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतें लगातार दूसरे दिन नीचे आईं। स्पॉट गोल्ड 4,321 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। इससे पहले भी सोने में तगड़ी गिरावट आ चुकी थी और भाव कई हफ्तों के निचले स्तर तक लुढ़क गए थे। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी नरमी देखी गई, जिसके चलते निवेशकों का भरोसा फिलहाल कमजोर बना हुआ है।

आखिर क्यों गिर रहे हैं दाम?

1. अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़े: अमेरिका से आए बेहतर रोजगार आंकड़ों ने बाजार की धारणा को पलट दिया है। इससे यह अनुमान मजबूत हुआ है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रख सकता है। ऊंची ब्याज दरें सोने जैसी बिना ब्याज वाली परिसंपत्तियों की मांग घटा देती हैं।

2. निवेशकों का बदलता रुझान: ब्याज दरें बढ़ने की आशंका के बीच निवेशक इस समय सुरक्षित निवेश विकल्पों के बजाय दूसरी एसेट क्लास की ओर झुक रहे हैं। इसका सीधा असर सोने और चांदी के भाव पर दिखाई दे रहा है।

3. कच्चे तेल से बढ़ी चिंता: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा है, जिसके मद्देनजर दुनिया के कई केंद्रीय बैंक सख्त मौद्रिक नीति का रास्ता अपना सकते हैं।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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