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एक घंटा पहले
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राजस्थान पुलिस की नई एडवाइजरी
जयपुर शहर में हाल के दिनों में मोबाइल फोन चोरी होने की घटनाओं और उसके बाद होने वाली साइबर धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। इसे गंभीरता से लेते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आम लोगों के लिए एक विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हाल ही में जयपुर के गांधी नगर रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी होने के बाद उसके बैंक खाते से 1.21 लाख रुपए निकाल लिए गए। इस तरह की घटनाओं को रोकने और नागरिकों के डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने विस्तार से प्रक्रिया समझाई है।
फोन चोरी होते ही करें ये जरूरी काम
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल खो जाने पर केवल फोन की तलाश करना ही पर्याप्त नहीं है। आज के समय में हमारे फोन में बैंकिंग, UPI, ईमेल, सोशल मीडिया और कई निजी दस्तावेज मौजूद होते हैं, जिनका गलत इस्तेमाल अपराधी कर सकते हैं। राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, ऐसी स्थिति में आपको तुरंत नीचे दिए गए 10 चरणों का पालन करना चाहिए:
- सबसे पहले किसी अन्य सुरक्षित डिवाइस का उपयोग करें। यदि आपका फोन एंड्रॉयड है, तो फाइंड माई डिवाइस का उपयोग करें और यदि आईफोन है, तो फाइंड माई आईफोन के माध्यम से फोन को रिमोट लॉक कर दें।
- तुरंत अपने ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य सभी महत्वपूर्ण वेबसाइट्स के पासवर्ड बदलें।
- अपने संबंधित मोबाइल सेवा प्रदाता (सिम कार्ड कंपनी) से संपर्क करें और तुरंत सिम ब्लॉक करवाएं, ताकि अपराधी आपके नंबर का उपयोग करके OTP हासिल न कर सकें।
- बैंक की आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या कस्टमर केयर के माध्यम से मोबाइल बैंकिंग, UPI और डिजिटल वॉलेट सेवाओं को फौरन ब्लॉक करवाएं।
- अपने बैंक खातों के ट्रांजेक्शन पर लगातार नजर रखें। यदि आपको कोई भी संदिग्ध लेनदेन दिखाई देता है, तो बिना देरी किए बैंक को सूचित करें।
- अपने पुराने नंबर का रिप्लेसमेंट सिम प्राप्त करें और दोबारा सिम सक्रिय होने के बाद अपने सभी महत्वपूर्ण खातों की सुरक्षा सेटिंग्स की दोबारा जांच करें।
- सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अपने ईमेल और सोशल मीडिया खातों पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य रूप से सक्रिय रखें।
- मोबाइल का IMEI नंबर हमेशा सुरक्षित रखें। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद इसकी मदद से सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर यानी CEIR पोर्टल के जरिए फोन को ब्लॉक करवाएं।
- किसी भी तरह की साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर पुलिस थाने को सूचित करें।
- आप अपनी शिकायत को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज करवा सकते हैं।
IMEI ब्लॉक करना क्यों है जरूरी
राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल फोन गुम होने या चोरी होने की सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन में जरूर देनी चाहिए। मोबाइल का IMEI नंबर ब्लॉक कराने से उस चोरी हुए फोन का दुरुपयोग कम हो जाता है। चूंकि आजकल अधिकांश लोग अपने मोबाइल फोन के जरिए ही वित्तीय लेनदेन करते हैं, इसलिए डिवाइस खोने पर वह एक बड़ी आर्थिक जोखिम में बदल सकता है।
हेल्पलाइन और शिकायत के अन्य माध्यम
साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में मदद के लिए राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क ने दो विशेष नंबर 9256001930 और 9257510100 जारी किए हैं। इसके अलावा आम जनता के पास संचार साथी ऐप और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां वे वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि फोन खोने पर घबराने के बजाय सही क्रम में डिजिटल सुरक्षा के कदम उठाना ही आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकता है।
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