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2 घंटे पहले
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दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर अब ऐसे बदलाव सामने आ रहे हैं, जिनकी पहले कल्पना तक नहीं की जा सकती थी। स्टेशन पर ड्यूटी करने वाले रेल कर्मचारियों से भी अब पार्किंग शुल्क लिया जाने लगा है। हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर कर्मचारियों के लिए जो मुफ्त पार्किंग की सुविधा चली आ रही थी, उसे खत्म कर दिया गया है। पार्किंग ठेकेदारों ने अपने कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शुल्क हर किसी से वसूला जाए — चाहे वह कोई आम नागरिक हो या स्टेशन पर तैनात रेलवे का कर्मचारी।
मुफ्त पार्किंग बंद होने से कर्मचारियों में आक्रोश
हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर मुफ्त पार्किंग की सुविधा समाप्त होने के बाद रेल कर्मचारियों में जबरदस्त नाराजगी देखी जा रही है। नाराज कर्मचारियों ने आंदोलन तक की चेतावनी दे दी है। सोमवार सुबह से ही स्टेशन पर पार्किंग कर्मियों और रेल कर्मचारियों के बीच शुल्क को लेकर तनातनी की स्थिति बनी हुई है। हालांकि रेल कर्मचारियों को पार्किंग शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
शिकायत के बाद भी नहीं मिली कोई राहत
कर्मचारियों का कहना है कि इससे पहले उन्हें अपनी गाड़ी खड़ी करने के लिए कभी पार्किंग का पैसा नहीं देना पड़ा, लेकिन अब अचानक उनसे शुल्क मांगा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीते कुछ दिनों से पार्किंग ठेकेदारों ने पैसे वसूलना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने इस मुद्दे को लेकर अपने अधिकारियों के सामने भी शिकायत रखी, मगर वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों से पार्किंग शुल्क लेने का निर्णय मंडल स्तर पर हुआ है और राहत भी इसी स्तर से ही संभव है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पार्किंग शुल्क
- 00–08 मिनट: प्राइवेट गाड़ी 0 रुपये, कमर्शियल गाड़ी 30 रुपये
- 08–15 मिनट: प्राइवेट गाड़ी 50 रुपये, कमर्शियल गाड़ी 50 रुपये
- 15–30 मिनट: प्राइवेट गाड़ी 150 रुपये, कमर्शियल गाड़ी 150 रुपये
- 30–60 मिनट: प्राइवेट गाड़ी 200 रुपये, कमर्शियल गाड़ी 200 रुपये
- 60 मिनट से ऊपर: अनुमति नहीं है, गाड़ी टो करने का चार्ज 300 रुपये (दोनों श्रेणियों के लिए)
आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर पार्किंग शुल्क
- 0-10 मिनट: 0 रुपये
- 10-17 मिनट: 50 रुपये
- 17 मिनट से ऊपर: 200 रुपये
दिल्ली के अन्य स्टेशनों पर भी बंद हो सकती है मुफ्त सुविधा
दिल्ली रेल मंडल के वाणिज्य अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के निर्णय दिल्ली के बाकी रेलवे स्टेशनों पर भी लागू किए जा सकते हैं। गौरतलब है कि रेलवे के इस फैसले से कर्मचारियों पर पार्किंग का आर्थिक बोझ काफी बढ़ जाएगा। 8 घंटे की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को रोजाना पार्किंग शुल्क के रूप में मोटी रकम चुकानी पड़ेगी।
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