अमेरिकी धरती पर माराडोना की हार को जीत में बदलने उतरेंगे मेसी, 39 की उम्र में क्या आखिरी विश्व कप में रचेंगे इतिहास? खेल एक घंटा पहले 2
माना जा रहा है कि 2026 फीफा विश्व कप लियोनेल मेसी के करियर का आखिरी विश्व कप होगा, जहां वह 1994 में अमेरिका में मिली अर्जेंटीना की कड़वी यादों को बदलने की कोशिश करेंगे।

अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में होने जा रहा 2026 फीफा विश्व कप दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों के लिए भावनाओं से भरा सफर बन सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि लियोनेल मेसी इस टूर्नामेंट में अपने करियर का आखिरी विश्व कप खेलते नजर आएंगे। अमेरिकी धरती पर होने वाला यह आयोजन अर्जेंटीना के लिए 1994 के विश्व कप की तल्ख यादें भी फिर से ताजा कर देता है।

अमेरिका से जुड़ी अर्जेंटीना की कड़वी यादें

पिछली बार जब 1994 में अमेरिका में फुटबॉल विश्व कप आयोजित हुआ था, तब ग्रुप स्टेज के दूसरे मुकाबले के बाद डिएगो माराडोना को डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था। यही वजह है कि अमेरिका को लेकर अर्जेंटीना फुटबॉल टीम की यादें सुखद नहीं रही हैं। इस घटना के बाद माराडोना दोबारा कभी विश्व कप नहीं खेल सके और उनकी टीम भी क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गई थी।

मेसी का संभवतः आखिरी विश्व कप

अब 22 बरस बाद अर्जेंटीना को भरोसा है कि माराडोना के उत्तराधिकारी माने जाने वाले लियोनेल मेसी अमेरिकी सरजमीं पर उन कड़वी यादों को जीत के जश्न में बदल देंगे। इसी महीने 39 साल के होने जा रहे मेसी के लिए यह आखिरी विश्व कप होगा और माना जा रहा है कि अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में होने वाले इस आयोजन के बाद वह फुटबॉल को अलविदा कह देंगे।

इतिहास रचने की दहलीज पर मेसी और अर्जेंटीना

अगर मेसी और अर्जेंटीना अपना विश्व कप खिताब बचाने में कामयाब रहते हैं, तो वे 1962 में ब्राजील के बाद ऐसा करने वाली पहली टीम बन जाएंगे। मेसी ने अर्जेंटीना के एक पत्रकार को दिए यूट्यूब इंटरव्यू में अपनी जीत की भूख का जिक्र करते हुए कहा था:

मुझे फुटबॉल खेलना पसंद है और जब तक खेल सकता हूं, खेलता रहूंगा। मुझे जीतना अच्छा लगता है। मैं कई बार तो अपने बच्चों को वीडियो गेम में भी जीतने नहीं देता। यह मेरा स्वभाव है और इसी के दम पर मैंने इतना कुछ हासिल किया है।

उम्र और चोट की चुनौती

बार्सीलोना, पेरिस सेंट जर्मेन और इंटर मियामी के लिए करीब दो दशक तक खेल चुके मेसी का शरीर अब थकान महसूस करने लगा है। रिकॉर्ड छठी बार विश्व कप खेलने से ठीक पहले वह जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव से जूझ रहे थे, जिसके चलते उन्हें इंटर मियामी के आखिरी मुकाबले के दौरान मैदान छोड़ना पड़ा था।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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