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एक घंटा पहले
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फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ईरान और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया मुकाबला रोमांचक मोड़ों से होकर गुजरा और आखिरकार 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। लॉस एंजिल्स के सोफी स्टेडियम में हुए इस मैच में दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरा दमखम झोंका, लेकिन कोई भी निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सकी। ईरान के लिए यह नतीजा निराशाजनक रहा, क्योंकि टीम जीत की उम्मीद के साथ मैदान में उतरी थी।
दो बार पिछड़कर भी हार नहीं मानी
मुकाबले में ईरान को दो बार पिछड़ने का सामना करना पड़ा, लेकिन हर बार टीम ने जुझारूपन दिखाते हुए स्कोर बराबर किया। न्यूजीलैंड की ओर से एलीजाह ने मैच की शुरुआत में ही सातवें मिनट में गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिला दी थी। इसके जवाब में ईरान ने काफी मशक्कत के बाद 32वें मिनट में बराबरी का गोल किया, जो रामीन रेजाइयान ने दागा और टीम को मुकाबले में वापस ले आए।
हालांकि एलीजाह ने 55वें मिनट में एक और शानदार गोल कर न्यूजीलैंड को दोबारा आगे कर दिया। एक बार फिर पिछड़ने के बाद ईरान ने पूरी ताकत लगाई और 64वें मिनट में मोहम्मद मोहबी के गोल की बदौलत स्कोर 2-2 से बराबर कर लिया।
आखिरी पलों में चूका मौका
मैच के अंतिम क्षणों में ईरान के पास बढ़त लेने का सुनहरा मौका था, लेकिन न्यूजीलैंड के मजबूत रक्षण ने उसे रोक दिया। इसी के साथ यह तय हो गया कि ग्रुप जी की चारों टीमें दिन के अंत में एक-एक अंक के साथ रहेंगी। इस ग्रुप के दूसरे मुकाबले में बेल्जियम और मिस्र के बीच का मैच भी ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
‘हम फुटबॉल खेलने आए हैं’ – ईरानी कप्तान
मैच के दौरान ईरानी टीम को दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिलीं। एक तरफ जहां बड़ी संख्या में लोगों ने टीम का हौसला बढ़ाया, वहीं फीफा के प्रतिबंध के बावजूद कई दर्शक ईरान के प्री-रिवोल्यूशनरी लायन एंड सन झंडे के साथ स्टेडियम पहुंचे।
हम नेशनल टीम के खिलाड़ी हर ईरानी के लिए खेलते हैं, चाहे वे विदेश में बसे प्रवासी हों या देश में रहने वाले नागरिक। हर देश में लोगों की अलग-अलग राय होती है, लेकिन फुटबॉलर के तौर पर हम लोगों को जोड़ने आए हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि हर ईरानी को खुशी दें, चाहे वह कहीं भी रहता हो। हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है और हम उसका सम्मान करते हैं, लेकिन हम यहां ईरानी लोगों को खुशी देने आए हैं। हम राजनीति में शामिल नहीं होते, हम यहां सिर्फ फुटबॉल खेलने आए हैं।
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