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एक घंटा पहले
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फुटबॉल के सबसे बड़े उत्सव फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत में अब चंद दिन ही बाकी हैं। इस बार टूर्नामेंट में कुल 48 टीमें मैदान पर उतर रही हैं, लेकिन फैंस को सबसे ज्यादा इंतजार उन मुकाबलों का है, जिनमें जीत की भिड़ंत किसी जंग से कम नहीं लगती। ये टीमें हैं ब्राजील और अर्जेंटीना। कई मायनों में यह टक्कर फुटबॉल की दुनिया में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच जैसी ही मानी जाती है। एक ओर फुटबॉल के भगवान कहे जाने वाले लियोनेल मेसी हैं तो दूसरी ओर तेजतर्रार नेमार। इन दोनों दिग्गजों को मैदान पर एक्शन में देखने के लिए प्रशंसक हमेशा बेताब रहते हैं।
क्या है सुपरक्लासिको देलास अमेरिका
फुटबॉल की दुनिया में ब्राजील और अर्जेंटीना की इस प्रतिद्वंदिता को सुपरक्लासिको देलास अमेरिका के नाम से जाना जाता है। यह महज दो टीमों का खेल नहीं, बल्कि दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल के वर्चस्व, संस्कृति और जुनून की लड़ाई है। दिलचस्प बात यह है कि फीफा विश्व कप के पूरे इतिहास में ये दोनों दिग्गज टीमें आपस में केवल 4 बार ही आमने-सामने हुई हैं।
इन चार मुकाबलों में ब्राजील का पलड़ा थोड़ा भारी रहा है। ब्राजील ने 1974 और 1982 के दो मैच जीते, जबकि 1978 का मुकाबला 0-0 से बराबरी पर छूटा था।
1990 का वह विवादित मुकाबला और होली वॉटर का किस्सा
विश्व कप के इतिहास का सबसे चर्चित और विवादास्पद मैच इन्हीं दोनों टीमों के बीच 1990 में खेला गया था। राउंड ऑफ 16 के इस मुकाबले में डिएगो माराडोना के जादुई पास पर क्लॉडियो कैनिजिया ने गोल दागकर अर्जेंटीना को 1-0 से यादगार जीत दिलाई थी।
इसी मैच के साथ होली वॉटर का विवाद हमेशा के लिए जुड़ गया। हुआ यूं कि खेल के बीच जब मैच रुका तो अर्जेंटीना के एक स्टाफ सदस्य ने ब्राजील के डिफेंडर ब्रांको को पानी की बोतल पीने के लिए दी। पानी पीते ही ब्रांको को चक्कर आने लगे और वे सुस्ती महसूस करने लगे। बाद में माराडोना ने यह दावा कर सनसनी फैला दी कि उस पानी में नशीली दवा मिलाई गई थी।
हेड टू हेड में कांटे की टक्कर
विश्व कप से इतर अगर दोनों टीमों का कुल रिकॉर्ड देखें तो अब तक 110 से ज्यादा आधिकारिक मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें दोनों ने एक-दूसरे को बराबरी की चुनौती दी है। इनमें ब्राजील ने 43 और अर्जेंटीना ने 41 मैच जीते हैं, जबकि 26 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।
महाद्वीपीय स्तर पर हालांकि अर्जेंटीना का दबदबा रहा है। अर्जेंटीना ने रिकॉर्ड 16 बार कोपा अमेरिका का खिताब अपने नाम किया है, जबकि ब्राजील 9 बार यह कप जीत सका है। साल 2021 के कोपा अमेरिका फाइनल में अर्जेंटीना ने ब्राजील को उसी के घर में 1-0 से हराकर चैंपियनशिप पर कब्जा जमाया था।
पेले बनाम माराडोना: कौन था बेहतर
फुटबॉल के इतिहास में पेले और माराडोना दोनों सर्वकालिक महानतम खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। हालांकि ये दोनों दिग्गज कभी एक-दूसरे के खिलाफ नहीं खेले, क्योंकि वे अलग-अलग दौर के खिलाड़ी थे। इसके बावजूद सबसे महान खिलाड़ी कौन, इस बहस ने ब्राजील और अर्जेंटीना की राइवलरी को और हवा दी।
पेले ने 1958, 1962 और 1970 में तीन विश्व कप जीतकर ब्राजीलियाई सांबा फुटबॉल का प्रतीक बने, वहीं माराडोना ने अपने दम पर अर्जेंटीना को 1986 का विश्व कप जिताया। दोनों के बीच बयानों की जंग अक्सर सुर्खियां बटोरती थी, हालांकि बाद के वर्षों में उनके बीच गहरी दोस्ती और आपसी सम्मान भी देखने को मिला।
मेसी और नेमार की प्रतिद्वंदिता का अलग रंग
आधुनिक दौर के फुटबॉल में लियोनेल मेसी और नेमार जूनियर की प्रतिद्वंदिता पूरी तरह अलग रही। दोनों बार्सिलोना और पेरिस सेंट-जर्मेन में क्लब स्तर पर गहरे दोस्त रहे, लेकिन जब अपने देश का सवाल आया तो दोनों ने अपनी-अपनी टीम के लिए जान झोंक दी। उनकी भिड़ंत में मैदान पर कड़ा संघर्ष तो रहा, लेकिन पेले-माराडोना वाले दौर जैसी कड़वाहट इसमें नहीं थी।
2021 कोपा अमेरिका फाइनल के बाद एक तरफ मेसी की अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी का सूखा खत्म होने का जश्न था, तो दूसरी ओर हार के बाद रो रहे नेमार को मेसी ने गले से लगा लिया। वह तस्वीर खेल भावना की मिसाल बन गई।
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