नेपाल में प्रलयकारी बाढ़ से मृतकों की संख्या 1400 के पार, 6 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता विश्व एक घंटा पहले 2
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन अब तक सिर्फ 104 शवों की पहचान हो पाई है। आपदा के 21 दिन बाद भी 6,150 लोग लापता हैं और प्रशासन के सामने शवों की पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती है।

आपदा का भयावह मंजर और मौतों का आंकड़ा

नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बुधवार तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मृतकों की संख्या का आंकड़ा 1,404 को पार कर गया है। नेपाल पुलिस की ओर से जारी ताजा बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है। राहत और बचाव कार्य में जुटे दलों ने अब तक 13,700 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, लेकिन लगभग 6,150 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। बरामद किए गए शवों में से अब तक केवल 104 की ही शिनाख्त संभव हो पाई है।

बाढ़ की शुरुआत और तबाही का कारण

यह आपदा 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए हिमस्खलन के कारण शुरू हुई थी। हिमस्खलन के बाद भोटेकोशी नदी में अचानक आए उफान ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। पिछले 21 दिनों से जारी इस आपदा ने न केवल रिहायशी मकानों को नष्ट किया है, बल्कि सड़कों, पुलों और कई महत्वपूर्ण पनबिजली परियोजनाओं को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है। पड़ोसी देश चीन में भी इस बाढ़ का असर देखा गया है, जहां 43 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 500 से अधिक लोग लापता हैं।

शवों की पहचान बनी बड़ी चुनौती

अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बरामद शवों की पहचान करना है। चितवन जिले में सबसे अधिक 364 शव मिले हैं। इसके अलावा नवलपरासी पूर्व में 232, नवलपरासी पश्चिम में 222 शव बरामद हुए हैं। अन्य शव नुवाकोट, रसुवा, गोरखा, धादिंग और तनाहुन जिलों से मिले हैं। पहचान की समस्या इसलिए गंभीर है क्योंकि पानी के बहाव में आए शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं या फिर उनके केवल अवशेष ही मिल रहे हैं। चेहरे, कपड़ों या पहचान के अन्य माध्यमों के नष्ट होने के कारण डीएनए परीक्षण ही एकमात्र सहारा बचा है, जो काफी समय लेने वाली प्रक्रिया है।

बचाव अभियानों में जुटी टीमें

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और विदेशी तकनीकी विशेषज्ञ मिलकर खोजबीन कर रहे हैं। विशेष रूप से रसुवा और नुवाकोट जिलों में स्थित पनबिजली परियोजनाओं में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। भारत में नेपाल के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बुधवार को बताया कि भारतीय और नेपाली बचाव दलों ने संयुक्त प्रयास से चिलिमे पनबिजली परियोजना के बिजलीघर तक पहुंच बनाई। वहां कीचड़ और मलबे को हटाने के बाद सुरंग से 5 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। लापता लोगों की तलाश का काम लगातार जारी है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप