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एक घंटा पहले
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Vinayak Chaturthi 2026 Upay: हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी का व्रत और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर विनायक श्री गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा की परंपरा है। हमारी संस्कृति में गणेश जी को प्रथम पूजनीय का स्थान प्राप्त है, यानी किसी भी देवी-देवता की आराधना से पहले श्री गणेश की पूजा अनिवार्य मानी जाती है। श्री गणेश को चतुर्थी तिथि का अधिष्ठाता कहा गया है और इन्हें बुद्धि, समृद्धि तथा सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। गणेश जी की उपासना को शीघ्र फल देने वाली माना गया है।
विनायक चतुर्थी के अवसर पर गणेश जी के निमित्त व्रत रखने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इससे हर तरह के संकट टलते हैं, ज्ञान की प्राप्ति होती है और धन-संपत्ति में भी वृद्धि होती है। इसके अलावा इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से तमाम परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है। आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं विनायक चतुर्थी के दिन किए जाने वाले उपायों के बारे में।
शिक्षा और नौकरी में सफलता के लिए
यदि आप विद्यार्थी हैं और चाहते हैं कि कॉलेज प्लेसमेंट में आपका नंबर आ जाए और अच्छी नौकरी मिले, या माता-पिता चाहते हों कि उनके बच्चे का प्लेसमेंट में चयन हो जाए, तो विनायक चतुर्थी के दिन श्री गणेश भगवान के विशेष सफलता प्राप्ति मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- गं गणपत्ये नमः।
प्यार और शोहरत पाने के लिए
अगर आप जीवन में प्रेम और प्रसिद्धि पाना चाहते हैं, तो विनायक चतुर्थी के दिन पांच इलायची और पांच लौंग के जोड़े लेकर श्री गणेश भगवान को अर्पित करें। साथ ही हाथ जोड़कर प्रार्थना करें और उनका आशीर्वाद लें।
बिजनेस पार्टनर से रिश्ता बेहतर करने के लिए
यदि आप अपने बिजनेस साझेदार के साथ संबंध बेहतर बनाना चाहते हैं, तो विनायक चतुर्थी के दिन मिट्टी से बनी गणेश जी की एक छोटी-सी मूर्ति लेकर अपने बिजनेस साझेदार को उपहार में दें।
बार-बार परेशान करने वालों से बचाव के लिए
अगर कोई आपको बार-बार परेशान कर रहा है या आपसे कोई ऐसा काम कराना चाह रहा है जो आप नहीं करना चाहते, तो ऐसी मुश्किल से बचने के लिए विनायक चतुर्थी के दिन श्री गणेश भगवान के सामने हाथ जोड़कर संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
खेल और राजनीति में पहचान बनाने के लिए
यदि आप खेल या राजनीति के क्षेत्र में अपना परचम लहराना और अपना रुतबा कायम करना चाहते हैं, तो विनायक चतुर्थी के दिन श्री गणेश भगवान के समक्ष इस मंत्र का एक माला यानी 108 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है- ऊँ ह्रीं ग्रीं ह्रीं। ध्यान रहे कि गणेश जी के मंत्र जप के लिए तुलसी से बनी माला का प्रयोग न करें। भगवान गणेश की पूजा में तुलसी या तुलसी से बनी किसी भी वस्तु का उपयोग वर्जित माना गया है। तुलसी के स्थान पर आप लाल चंदन, स्फटिक या रुद्राक्ष की माला का उपयोग कर सकते हैं।
बड़े प्रोजेक्ट की सफलता के लिए
अगर आप अपने किसी बड़े प्रोजेक्ट की सफलता सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो विनायक चतुर्थी के दिन पक्षियों के लिए जल से भरा एक मिट्टी का बर्तन लेकर किसी गणेश मंदिर में जाकर रखें। यहां ध्यान रखें कि यह जल पक्षियों के लिए रखना है, कबूतरों के लिए नहीं।
नई कामयाबी पाने के लिए
यदि आप अपने जीवन में नए रंग भरना और नई कामयाबी हासिल करना चाहते हैं, तो विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा के समय उन्हें लाल गुड़हल का फूल अर्पित करें और अपनी सफलता के लिए हाथ जोड़कर प्रार्थना करें।
आर्थिक लाभ और यश के लिए
अगर आप आर्थिक रूप से लाभ और जीवन में यश पाना चाहते हैं, तो विनायक चतुर्थी के दिन श्री गणेश भगवान की कृपा से परिपूर्ण आठ मुखी रुद्राक्ष की विधि-पूर्वक पूजा करके उसे धारण करें।
ज्ञान और वैचारिक क्षमता बढ़ाने के लिए
यदि आप अपने ज्ञान और वैचारिक क्षमता को मजबूत करना चाहते हैं, तो विनायक चतुर्थी के दिन चिकनी मिट्टी से बने लड्डू गणेश जी का विधि-पूर्वक पूजन करें। लगभग हर घर में चिकनी मिट्टी से बने लड्डू की आकृति में गणेश जी होते हैं और किसी भी देवी-देवता की पूजा से पहले मिट्टी से बने गणेश जी की ही पूजा की जाती है। यदि आपके घर में मिट्टी के गणेश नहीं हैं या आपको इसकी पहले से जानकारी नहीं थी, तो विनायक चतुर्थी के दिन ही साफ-सुथरी चिकनी मिट्टी लेकर एक लड्डू की आकृति बनाएं और सूखने के बाद उस पर पूरी तरह कलावा यानी मौली लपेट दें। इसके बाद गणेश स्वरूप उस मिट्टी के लड्डू को घर के मंदिर में स्थापित करें और रोली, चावल, धूप-दीप से उसकी विधि-पूर्वक पूजा करें।
जीवन में सुख-शांति के लिए
अगर आप जीवन में सुख-शांति बनाए रखना चाहते हैं, तो विनायक चतुर्थी के दिन नारियल पर हल्दी से स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर श्री गणेश भगवान को अर्पित करें।
वर्क परफॉर्मेंस सुधारने के लिए
यदि आप अपनी वर्क परफॉर्मेंस को बेहतर करना चाहते हैं, तो विनायक चतुर्थी के दिन श्री गणेश भगवान को एक लोटे में जल और थोड़ी-सी दूर्वा डालकर अर्पित करें और उनकी विधि-पूर्वक पूजा करें। पूजा के बाद दूर्वा सहित उस लोटे का जल किसी पेड़-पौधे की जड़ में डाल दें।
बच्चों की तरक्की के लिए
अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे कभी किसी काम में पीछे न रहें और हमेशा तरक्की की राह पर आगे बढ़ते रहें, तो विनायक चतुर्थी के दिन शाम के समय श्री गणेश भगवान के आगे घी का दीपक जलाएं। साथ ही भगवान को हल्दी का टीका लगाएं और फिर अपने बच्चों को भी हल्दी का टीका लगाएं।
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