गणपति पूजा में भूलकर भी न अर्पित करें ये 5 वस्तुएं, वरना अधूरा रह जाएगा पूजन का पुण्य और बढ़ेंगी मुश्किलें धर्म 3 महीने पहले 49
गणेश जी की पूजा में कुछ चीजें वर्जित मानी गई हैं, जिन्हें अर्पित करने से बप्पा नाराज हो सकते हैं। जानिए वे 5 वस्तुएं जिन्हें गणपति को कभी नहीं चढ़ाना चाहिए।

Ganesh Ji Puja Niyam: सनातन परंपरा में किसी भी देवी-देवता के पूजन से पूर्व सबसे पहले अग्रपूज्य भगवान गणेश की उपासना की जाती है। बप्पा को विघ्नों को हरने वाला तथा बुद्धि और सिद्धि प्रदान करने वाला देव माना गया है। ऐसी धार्मिक आस्था है कि गणेश जी की नित्य आराधना से घर में सुख और समृद्धि का वास होता है और जीवन के समस्त कष्ट मिट जाते हैं। उल्लेखनीय है कि सप्ताह का बुधवार भगवान गणेश को समर्पित दिन है। इस बार 3 जून 2026, बुधवार को संकष्टी चतुर्थी का व्रत भी रखा जाएगा, जिससे यह दिन और अधिक विशेष बन जाता है। संकष्टी चतुर्थी पर गणेश जी की पूजा का विधान है, इसलिए बुधवार और संकष्टी चतुर्थी के इस संयोग में बप्पा की उपासना करने से साधक को कई गुना अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है।

शास्त्रों में गणेश जी के पूजन से जुड़े कुछ खास नियम भी बताए गए हैं। यदि पूजा के समय अनजाने में कुछ निषिद्ध वस्तुएं बप्पा को अर्पित कर दी जाएं तो वे रुष्ट हो जाते हैं। ऐसी दशा में पूजा का संपूर्ण फल मिलने के स्थान पर जातक को दोष लगता है और जीवन की कठिनाइयां बढ़ने लगती हैं। आइए जानते हैं वे कौन-सी पांच चीजें हैं, जिन्हें गणेश जी को भूलकर भी नहीं चढ़ाना चाहिए।

तुलसी का पत्ता

गणेश जी की पूजा में तुलसी अर्पित करना निषेध माना गया है। भूलकर भी बप्पा को तुलसी दल न चढ़ाएं। तुलसी के स्थान पर गणपति जी को दूर्वा अर्पित करनी चाहिए।

सफेद रंग के फूल

भगवान गणेश को सफेद रंग के पुष्प, जैसे केतकी या सफेद कनेर, नहीं चढ़ाने चाहिए। विशेष रूप से केतकी का फूल भगवान शिव और गणेश दोनों की ही पूजा में वर्जित बताया गया है। बप्पा को लाल गुड़हल अत्यंत प्रिय है।

टूटे या खंडित अक्षत

गणेश जी को कभी भी टूटे हुए चावल अर्पित न करें, अन्यथा पूजा का फल प्राप्त नहीं होता। बप्पा को सदैव स्वच्छ और साबुत चावल ही चढ़ाने चाहिए।

सूखे या बासी फूल

गणेश जी को कभी भी सूखे, मुरझाए या बासी फूल और पत्तियां अर्पित नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आर्थिक उन्नति रुक जाती है। पूजन में हमेशा बगीचे से लाए ताजे पुष्पों का ही प्रयोग करें।

सफेद वस्त्र

गणेश जी के पूजन में सफेद वस्त्र भी अर्पित नहीं किया जाता। भगवान गणेश को पीले या लाल रंग के वस्त्र तथा सिंदूर से रंगा हुआ जनेऊ चढ़ाना अत्यंत शुभ और उत्तम माना गया है।

मीरा शर्मा पाबना की धर्म एवं संस्कृति लेखिका हैं, जो त्योहार, धर्म, ज्योतिष और परंपराओं पर लिखती हैं। व्रत-त्योहारों के महत्व, पूजा विधि और आस्था से जुड़े विषयों को वे श्रद्धा और जानकारी के साथ पेश करती हैं। वाराणसी से उनका जुड़ाव उनके लेखन में झलकता है।

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