राष्ट्रीय राजनीति
2 घंटे पहले
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उर्वरकों की आपूर्ति पर संकट का साया नहीं
मौजूदा समय में पश्चिमी एशिया में चल रहे तनाव और अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद बनाने के लिए आवश्यक गैस और अन्य कच्चे माल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। इसके बावजूद भारतीय किसानों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश में खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी।
रबी सीजन के लिए मजबूत तैयारी
आगामी रबी 2026-27 सीजन की शुरुआत के साथ ही देश में खाद का स्टॉक पिछले रबी सीजन की तुलना में काफी बेहतर रहने की उम्मीद है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों और योजनाओं के मुताबिक यूरिया, डीएपी और एनपीकेएस उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है ताकि किसी भी राज्य में बुवाई के दौरान खाद की कमी न हो। सरकार ने राज्यों को यह आश्वासन दिया है कि उनकी मांग और आवश्यकता के अनुसार खाद की सप्लाई की पूरी व्यवस्था की जा रही है।
सब्सिडी के जरिए किसानों को मिली सुरक्षा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर सीधे तौर पर किसानों की जेब पर न पड़े, इसके लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। यूरिया और डीएपी पर दी जाने वाली सब्सिडी में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। इस नीतिगत निर्णय का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को उर्वरक उचित और किफायती दरों पर मिलते रहें। सरकार की इस पहल से कृषि कार्यों में खाद की बढ़ती लागत का सीधा बोझ किसानों पर नहीं पड़ेगा।
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