बरेली में नकली सोने का बड़ा खेल: बाप-बेटे और महिला ने सुनारों को लगाया लाखों का चूना, पुलिस ने किया भंडाफोड़ उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 70
बरेली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो नकली सोने की मोहरों के जरिए सराफा व्यापारियों को अपना निशाना बनाता था। पुलिस ने राजस्थान के एक परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है जिनके खातों से 20 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं।

गिरोह का भंडाफोड़ और गिरफ्तारी

बरेली पुलिस ने एक बेहद शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लंबे समय से सराफा व्यापारियों को नकली सोने की मोहरों के नाम पर चूना लगा रहा था। किला थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने एक संयुक्त अभियान चलाकर राजस्थान के रहने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक पिता, उसका बेटा और परिवार की एक महिला सदस्य शामिल हैं। पुलिस ने इन ठगों के बैंक खातों में जमा करीब 20 लाख रुपये की धनराशि को फ्रीज कर दिया है। प्राथमिक जांच में यह भी पता चला है कि इन लोगों ने धोखाधड़ी से जुटाई गई रकम से राजस्थान में लगभग एक करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई थी।

गिरोह के सदस्य और बरामदगी

पुलिस ने आरोपियों की पहचान महेंद्र, उसके बेटे सुरेश और परिवार की ही एक महिला सदस्य बबली के रूप में की है। इन तीनों को श्मशान भूमि फाटक के पास गश्त के दौरान घेराबंदी करके पकड़ा गया। तलाशी के दौरान पुलिस को इनके पास से भारी मात्रा में संदिग्ध सामान मिला है। बरामदगी में नकली सोने की मोहरें, कुछ असली सोने की मोहरें और पेंडेंट, नकली पेंडेंट, अन्य जेवरात, नकदी, कई मोबाइल फोन, हिसाब-किताब के लिए इस्तेमाल की जाने वाली डायरी और फर्जी आधार कार्ड शामिल हैं।

ठगी का नायाब तरीका

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि यह गिरोह बहुत ही सोची-समझी रणनीति के तहत काम करता था। ये लोग सीधे बड़ी धोखाधड़ी नहीं करते थे, बल्कि पहले विश्वास अर्जित करने की प्रक्रिया अपनाते थे। शुरुआत में, ये किसी भी सराफा कारोबारी के पास असली सोने की मोहरें गिरवी रखकर छोटे लेनदेन करते थे। जब व्यापारी का भरोसा पूरी तरह जम जाता था, तब ये लोग बड़ी संख्या में नकली मोहरें लेकर दुकान पर पहुंचते थे। उन्हें असली बताकर ये लोग व्यापारी से लाखों रुपये नकद और महंगे आभूषण लेकर रफूचक्कर हो जाते थे। महेंद्र और बबली खुद को पति-पत्नी के रूप में पेश करते थे ताकि दुकानदार को किसी प्रकार का शक न हो, जबकि बेटा और अन्य सदस्य बाहर रहकर निगरानी करते थे।

किला बाजार में दिया था बड़ी वारदात को अंजाम

एसपी सिटी ने जानकारी दी कि इसी गिरोह ने बरेली के किला बाजार में एक सराफा कारोबारी को अपना निशाना बनाया था। शातिर ठगों ने सुनार को नकली मोहरें थमाकर करीब 20 लाख रुपये नकद के अलावा सोने और चांदी के भारी मात्रा में आभूषण हड़प लिए थे।

विस्तृत जांच और संपत्तियों का खुलासा

पुलिस की जांच का दायरा केवल बरेली तक सीमित नहीं है। इन आरोपियों ने कई अन्य जिलों में भी सक्रिय होने की योजना बनाई थी। ये ठग अक्सर अलग-अलग शहरों में जाकर किराए के मकान लेते थे, वहां के सराफा बाजारों की अच्छी तरह रेकी करते थे और फिर व्यापारियों को अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस ने इनके बैंक खातों और संपत्तियों के दस्तावेजों की गहराई से छानबीन की है, जिससे यह साफ हुआ कि ठगी की काली कमाई से इन्होंने राजस्थान में लगभग एक करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया है, जिसमें कई मकान भी खरीदे गए हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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