कानपुर: मूक-बधिर बच्ची को मां से मिलाया महिला सिपाही ने, वर्दी के पीछे दिखी ममता की मूरत उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 81
कानपुर के ग्वालटोली थाने में तैनात एक महिला सिपाही ने खोई हुई मूक-बधिर बच्ची की मां की तरह देखभाल की और उसे सोशल मीडिया के जरिए उसके परिवार तक पहुंचाया।

वर्दी में छिपी मां का वात्सल्य

कानपुर के ग्वालटोली थाने में तैनात महिला कॉन्स्टेबल मंदाकिनी ने अपनी कार्यशैली से एक मिसाल पेश की है। उन्होंने न केवल एक मूक-बधिर बच्ची को आश्रय दिया, बल्कि अपनी ममता से उसे मां का साया भी प्रदान किया। आठ साल की बच्ची परवीन के बिछड़ने और फिर अपने परिवार से मिलने की यह घटना मानवीय संवेदनाओं का केंद्र बन गई है।

जुलूस में भटक गई मासूम

नजीराबाद निवासी काबुल शेख और रेशमा खातून की बेटी परवीन जन्म से ही मूक-बधिर है। सोमवार को घर के पास से गुजर रहे अलम के जुलूस को देखकर वह अनजाने में भीड़ के साथ निकल गई और रास्ता भटक गई। शाम को घर पर बच्ची न मिलने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अंततः मामला पुलिस तक पहुँचा।

सड़क किनारे मिली बच्ची

रात के समय गश्त कर रही टीम को शीलिंग हाउस स्कूल के पास बच्ची अकेली बैठी मिली। पूछताछ में असमर्थ होने पर उसे ग्वालटोली थाने लाया गया। अगली सुबह जब मंदाकिनी ने उसे देखा, तो बच्ची ने इशारों में भूख का संकेत दिया। मंदाकिनी ने उसे प्यार से खाना खिलाया और थाने के हैंडपंप पर नहलाकर साफ-सुथरे कपड़े पहनाए। उपनिरीक्षक कंचन रागिनी ने भी बच्ची के लिए नए कपड़े लाने में सहयोग किया।

सोशल मीडिया बना मददगार

बच्ची के परिजनों को खोजने के लिए पुलिस ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर जारी किया। इंस्टाग्राम पर रील वायरल होने के बाद परिजनों तक सूचना पहुँची। वीडियो देखकर रेशमा खातून ने अपनी बेटी को पहचान लिया। बुधवार की दोपहर जब माँ थाने पहुँची, तो परवीन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दोनों को गले मिलते देख थाने में मौजूद सभी पुलिसकर्मियों की आँखें भर आईं।

अपने बच्चों जैसा प्यार दिया

मैनपुरी की रहने वाली कॉन्स्टेबल मंदाकिनी ने भावुक होते हुए कहा कि उनके भी दो बेटे हैं, लेकिन बेटी नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि बच्ची के साथ बिताए इन दो दिनों में उसका उनसे गहरा लगाव हो गया था। उन्होंने यह भी सोचा था कि यदि बच्ची का परिवार नहीं मिलता, तो वह उसे खुद पालने के लिए तैयार थीं। यह घटना समाज को याद दिलाती है कि पुलिस के कठोर अनुशासन के पीछे अक्सर एक बेहद संवेदनशील इंसान धड़कता है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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