उपनाम: मानवीय संवेदना
भोपाल: टायर पंक्चर जोड़कर पाले चार बच्चे, मौत के बाद भी नहीं पहुंचे वारिस, बोले- संपत्ति नहीं तो रिश्ता कैसा?
भोपाल के एक वृद्धाश्रम में पिता की मौत के बाद उनके चार बच्चों ने अंतिम संस्कार में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। बच्चों का कहना है कि जब पिता ने उन्हें कोई संपत्ति नहीं दी, तो वे उनके अंतिम संस्कार के लिए क्यों आएं?
समस्तीपुर के चंदन का 5 महीने से कोई सुराग नहीं, दो छोटे बच्चों की आंखों में हर दिन पिता की तलाश
बिहार के समस्तीपुर जिले से रोजगार के लिए मुंबई गए 36 वर्षीय चंदन कुमार राम बीते 9 मार्च 2026 से लापता हैं, जिससे उनका पूरा परिवार गहरे सदमे और अनिश्चितता में है।
पिता का ऑनलाइन अंतिम संस्कार: सोनीपत में बयां हुई एक दर्दनाक कहानी, बेटियों ने नहीं दिखाई अंतिम दर्शन की भी हिम्मत
हरियाणा के सोनीपत में एक बुजुर्ग की मौत के बाद उनकी बेटियों ने अंतिम संस्कार में शामिल होने से इनकार कर दिया, जिसके बाद एक बेटी ने वीडियो कॉल के जरिए ही अंतिम क्रिया देखी।
कानपुर: मूक-बधिर बच्ची को मां से मिलाया महिला सिपाही ने, वर्दी के पीछे दिखी ममता की मूरत
कानपुर के ग्वालटोली थाने में तैनात एक महिला सिपाही ने खोई हुई मूक-बधिर बच्ची की मां की तरह देखभाल की और उसे सोशल मीडिया के जरिए उसके परिवार तक पहुंचाया।
ओडिशा: दाने-दाने को मोहताज पिता ने तीन बच्चों को बाल गृह को सौंपा, गरीबी से हारकर लिया फैसला
ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में एक दिहाड़ी मजदूर ने अत्यधिक गरीबी और पत्नी के छोड़ जाने के बाद अपने तीन मासूम बच्चों को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया ताकि उनकी जान बचाई जा सके।