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एक घंटा पहले
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यूपीएससी की ट्रेनिंग बनी मुलाकात का जरिया
यूपीएससी की कठिन परीक्षा पास कर आईएएस बनना लाखों युवाओं का सपना होता है, लेकिन कई बार यह सफर सफलता के साथ-साथ निजी जिंदगी में भी बड़े बदलाव लेकर आता है। साल 2017 की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले दो युवा अधिकारियों, प्रतिष्ठा ममगाईं और संबित मिश्रा की प्रेम कहानी इसी का एक मिसाल है। उनकी मुलाकात मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षण के दौरान हुई थी।
रैंक में सिर्फ एक अंक का अंतर
प्रतिष्ठा ममगाईं ने उस परीक्षा में 50वीं रैंक हासिल की थी, जबकि संबित मिश्रा ने 51वीं रैंक प्राप्त की थी। रैंक में महज एक अंक का यह अंतर आगे चलकर उनके जीवन के सबसे बड़े रिश्ते का आधार बन गया। अकादमी में साथ बिताए समय के दौरान पहले दोस्ती हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। आपसी समझ और प्रशासनिक सेवा के प्रति समान समर्पण ने उन्हें एक-दूसरे के करीब ला दिया।
प्रशासनिक सेवाओं में निभाई जा रही है जिम्मेदारी
ट्रेनिंग पूरी करने के बाद दोनों ने विवाह के बंधन में बंधने का फैसला किया। आज यह दंपति देश की प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने साबित कर दिया है कि पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन कैसे बनाया जाता है।
सबसे युवा कलेक्टर के रूप में पहचान
प्रतिष्ठा ममगाईं के करियर में एक बड़ी उपलब्धि तब जुड़ी जब वह छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे युवा जिला कलेक्टर के तौर पर नियुक्त हुईं। उनका यह मुकाम हासिल करना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है, जो यूपीएससी की तैयारी में जुटे हुए हैं। उनकी यह यात्रा बताती है कि लक्ष्य के प्रति अडिग रहने पर सफलता जरूर मिलती है।
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