NEET UG 2026: 22.79 लाख परीक्षार्थियों के साथ संपन्न हुई बड़ी परीक्षा, NTA ने साबित की साख करियर एक महीने पहले 67
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 इस बार बिना किसी बड़े विवाद के सफलतापूर्वक आयोजित की गई। 5,440 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा ने प्रशासनिक तंत्र की मुस्तैदी को साबित कर दिया है।

सफलतापूर्वक संपन्न हुई NEET-UG 2026

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का आयोजन इस बार बिना किसी बड़ी गड़बड़ी या विवाद के शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो गया। 21 जून को आयोजित इस परीक्षा में कुल 22.79 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया। पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय ने पुख्ता तैयारी की थी, जिसने व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में मदद की।

व्यापक सुरक्षा और निगरानी का ढांचा

इस बार परीक्षा की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय इंतजाम किए गए थे। 551 भारतीय शहरों और विदेश के 14 शहरों में फैले 5,440 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई। सुरक्षा के प्रमुख बिंदुओं में निम्नलिखित शामिल थे:

  • आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और फेस ऑथेंटिकेशन।
  • CCTV कैमरों के जरिए हर केंद्र की सीधी निगरानी।
  • जैमर की तैनाती और दो-स्तरीय फ्रिस्किंग प्रक्रिया।
  • NTA और शिक्षा मंत्रालय के मुख्यालय में स्थापित विशेष कमांड सेंटर।

इस पूरी प्रक्रिया में केंद्रीय गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, भारतीय वायु सेना, MeitY और NIC जैसे महत्वपूर्ण विभागों ने आपसी तालमेल से काम किया। पूरे तंत्र को रिकॉर्ड 37 दिनों में तैयार किया गया था, जिसमें करीब 7 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी जुटे थे।

विशेष जरूरतों वाले छात्रों का रखा गया ध्यान

परीक्षा के दौरान समावेशिता सुनिश्चित करते हुए विशेष जरूरतों वाले छात्रों के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। 10 हजार से अधिक दिव्यांग परीक्षार्थियों और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे 81 छात्रों को परीक्षा में बैठने के लिए विशेष सहायता मुहैया कराई गई। इसमें अस्पताल में भर्ती छात्रों और कीमोथेरेपी ले रहे अभ्यर्थियों तक पहुंचना भी शामिल था।

छोटी-मोटी घटनाएं और प्रशासनिक मुस्तैदी

इतने विशाल आयोजन में कुछ स्थानीय घटनाएं जरूर सामने आईं, लेकिन उन्होंने मुख्य परीक्षा की गरिमा को प्रभावित नहीं किया। मुंबई और बेंगलुरु में देरी से पहुंचने के कारण कुछ छात्रों को प्रवेश नहीं मिल सका, वहीं अजमेर में हिजाब संबंधी एक मामले पर शुरुआती चर्चा हुई लेकिन जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वयं ओखला स्थित मुख्यालय पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया, जिससे सिस्टम को और मजबूती मिली।

भरोसा बहाली की दिशा में बढ़ा कदम

पिछली परीक्षाओं में उठे विवादों के बाद यह आयोजन NTA के लिए एक अग्निपरीक्षा जैसा था। परीक्षा के सफल समापन के बाद NTA ने इसे 'टीम भारत' की सामूहिक जीत बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार विवादों के बजाय चर्चा छात्रों के प्रदर्शन और पेपर के कठिनाई स्तर पर केंद्रित रही, जो कि परीक्षा एजेंसी और सरकार की विश्वसनीयता के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

रितु चौधरी पाबना की शिक्षा एवं रोजगार रिपोर्टर हैं, जो रिजल्ट, भर्ती और सरकारी नौकरियों पर रिपोर्टिंग करती हैं। परीक्षा परिणाम, नोटिफिकेशन और भर्ती प्रक्रिया की ताजा जानकारी वे सटीकता से देती हैं। नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए उनकी रिपोर्ट्स बेहद उपयोगी हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप