MBBS इंटर्नशिप स्टाइपेंड 2026: जानिए किन राज्यों में मेडिकल छात्रों को मिल रही कितनी राशि करियर 2 घंटे पहले 8
देश भर में MBBS इंटर्न को मिलने वाले स्टाइपेंड में भारी अंतर है, हालांकि हाल ही में कई राज्यों ने इसमें बढ़ोतरी की है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी हाल ही में इंटर्नशिप भत्ता बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है।

मेडिकल इंटर्न के वेतन में राज्यों के बीच बड़ा अंतर

MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टर बनने की प्रक्रिया के दौरान इंटर्नशिप एक अनिवार्य हिस्सा है। इस दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड को लेकर पूरे देश में कोई एकसमान नियम नहीं है, जिसके कारण अलग-अलग राज्यों में मेडिकल इंटर्न को मिलने वाली धनराशि में काफी अंतर देखने को मिलता है। कहीं यह राशि 21,500 रुपये प्रति माह है तो कहीं यह बढ़कर 27,000 रुपये तक पहुंच गई है।

जम्मू-कश्मीर में स्टाइपेंड में बड़ी बढ़ोतरी

हाल ही में जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मेडिकल इंटर्न के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उनके स्टाइपेंड में बड़ा इजाफा किया है। अब MBBS और BDS के इंटर्न को हर महीने 25,000 रुपये स्टाइपेंड के रूप में दिए जाएंगे। गौरतलब है कि पहले यह राशि मात्र 12,300 रुपये थी। यह राहत भरी खबर लंबे समय से चले आ रहे मेडिकल इंटर्न के विरोध प्रदर्शनों के बाद सामने आई है, जिसके बाद सरकार को वेतन ढांचे पर पुनर्विचार करना पड़ा।

अन्य राज्यों का क्या हाल है

जम्मू-कश्मीर के अलावा देश के कई अन्य राज्यों ने भी अपने यहां मेडिकल इंटर्नशिप करने वाले छात्रों के स्टाइपेंड में समय-समय पर बढ़ोतरी की है। इनमें शामिल प्रमुख राज्यों का विवरण इस प्रकार है:

  • उत्तर प्रदेश: यहाँ के मेडिकल इंटर्न को 25,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाता है।
  • बिहार: इस राज्य में इंटर्नशिप कर रहे छात्रों को प्रति माह 27,000 रुपये मिलते हैं।
  • अन्य राज्य: इसके साथ ही उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में भी सरकारें समय के साथ स्टाइपेंड में संशोधन कर चुकी हैं।

यह स्पष्ट है कि इंटर्न के लिए संघर्षपूर्ण कार्य घंटों और बढ़ती महंगाई के बीच स्टाइपेंड में की गई यह वृद्धि उनके लिए एक बड़ा संबल बनी है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में इस राशि का असमान होना अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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