पूर्वी चंपारण का मशहूर संग्रामपुर मछली बाजार: यहां मिलती है ताजी और सस्ती मछलियों की पूरी रेंज बिहार एक घंटा पहले 2
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले का संग्रामपुर मछली बाजार अपनी ताजी और किफायती मछलियों के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। यहां बड़ी से लेकर छोटी और दुर्लभ मछलियां आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।

संग्रामपुर बाजार की अलग पहचान

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में स्थित संग्रामपुर मछली बाजार अपने इलाके का सबसे प्रमुख और लोकप्रिय बाजार माना जाता है। यह बाजार न केवल स्थानीय निवासियों के लिए, बल्कि दूर-दराज के खरीदारों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। यहाँ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ हर प्रकार की मछली बहुत ही वाजिब दामों पर और पूरी तरह ताजा उपलब्ध होती है। संग्रामपुर बाजार में आपको नदी, तालाब और चेवड़ा में पाई जाने वाली छोटी और बड़ी सभी किस्मों की मछलियां एक ही छत के नीचे मिल जाती हैं।

तालाबों के गढ़ से आती है ताजा सप्लाई

इस बाजार की सफलता के पीछे एक प्रमुख कारण आसपास के गांवों में मछलियों का बड़े पैमाने पर पालन है। संग्रामपुर बाजार से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर बरियारिया नाम का एक गांव स्थित है, जिसे स्थानीय स्तर पर तालाबों का गांव भी कहा जाता है। इस गांव में लगभग 200 तालाब हैं, जिनमें मछलियां बड़े पैमाने पर पाली जाती हैं। इन तालाबों से निकाली गई रोहू, ग्रास, कतला और कमलकार जैसी प्रमुख मछलियां सीधे संग्रामपुर बाजार पहुंचती हैं, जिससे खरीदारों को बिल्कुल ताजा माल मिलता है। जाल के जरिए तालाबों से मछलियों को निकालकर सीधे बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया इसकी ताजगी को बरकरार रखती है।

रूपचंद मछली की बढ़ती लोकप्रियता

इन दिनों बिहार के मछली बाजारों में एक विशेष मछली ने सबका ध्यान खींचा है, जिसे रूपचंद के नाम से जाना जाता है। संग्रामपुर मछली बाजार में यह मछली खूब बिक रही है। रूपचंद अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है, लेकिन इसके साथ-साथ इसका स्वाद भी लोगों को काफी पसंद आता है। यही कारण है कि संग्रामपुर के ग्राहक अब अन्य सामान्य मछलियों के साथ-साथ रूपचंद की भी जमकर खरीदारी कर रहे हैं।

छोटी मछलियों का अनूठा खजाना

बड़ी मछलियों के अलावा यह बाजार अपनी छोटी मछलियों की विविधता के लिए भी जाना जाता है। ये मछलियां मुख्य रूप से आसपास की नदियों और चेवड़ों से पकड़ी जाती हैं, जो स्वाद और ताजगी में लाजवाब होती हैं। धवई और चेपुआ जैसी छोटी मछलियां यहां के बाजार की मुख्य पहचान हैं। स्थानीय लोग और आसपास के जिलों के खरीदार विशेष रूप से इन छोटी मछलियों को लेने के लिए यहां का रुख करते हैं, क्योंकि अन्य शहरी बाजारों की तुलना में यहां इनका स्वाद और ताजगी कहीं अधिक बेहतर होती है।

गंडक नदी और चेपुआ की खासियत

संग्रामपुर क्षेत्र गंडक नदी के तट के काफी करीब बसा हुआ है, जिसका सीधा लाभ यहां के मछली बाजार को मिलता है। गंडक नदी में पाई जाने वाली चेपुआ मछली इस क्षेत्र की सबसे महंगी और बेहतरीन छोटी मछली मानी जाती है। यह मछली अपनी विशिष्ट गुणवत्ता के लिए जानी जाती है। गंडक के करीब होने के कारण, संग्रामपुर मछली बाजार में चेपुआ मछली अन्य बाजारों की अपेक्षा काफी सस्ती और ताजा मिल जाती है। यही वजह है कि चेपुआ के शौकीन दूर-दूर से इस बाजार में आते हैं। अपनी ताजी और सस्ती मछलियों की बदौलत संग्रामपुर मछली बाजार ने पूरे पूर्वी चंपारण में अपनी एक अलग और विश्वसनीय पहचान कायम कर ली है, जहां रोज भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुटती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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