दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पर छात्र का हमला, लॉ फैकल्टी में थप्पड़ कांड के बाद हड़कंप दिल्ली 4 घंटे पहले 2
दिल्ली विश्वविद्यालय के लॉ फैकल्टी में एक पीएचडी छात्र ने प्रोफेसर अनुपम झा पर हमला कर दिया। आरोपी छात्र को विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मामले में पुलिस प्राथमिकी दर्ज की गई है।

दिल्ली विश्वविद्यालय कैंपस में सुरक्षा पर उठे सवाल

राजधानी दिल्ली स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय के लॉ फैकल्टी कैंपस में 17 अगस्त को हुई एक घटना ने पूरे शिक्षण जगत को हैरान कर दिया है। यहां एक रिसर्च स्कॉलर ने पीएचडी इंटरव्यू से जुड़ी नाराजगी के चलते प्रोफेसर अनुपम झा के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उन पर हमला भी कर दिया। प्रोफेसर उस समय अपनी कक्षा लेने के लिए जा रहे थे, तभी यह घटना घटी। कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुए फुटेज से यह स्पष्ट हो रहा है कि आरोपी छात्र काफी समय से प्रोफेसर का इंतजार कर रहा था और जैसे ही वे वहां पहुंचे, उसने उन पर हमला बोल दिया।

आरोपी छात्र का निलंबन और कानूनी कार्यवाही

घटना के तुरंत बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रॉक्टर के माध्यम से आरोपी छात्र को विश्वविद्यालय से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, इस मामले में संबंधित पुलिस थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। संगठन का मानना है कि केवल निलंबन की कार्रवाई काफी नहीं है। DTF के प्रतिनिधियों ने चिंता जताई है कि विश्वविद्यालय के भीतर शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार और शारीरिक हमले की घटनाएं बार-बार दोहराई जा रही हैं, जो बेहद गंभीर विषय है। लॉ फैकल्टी के ही अन्य प्रोफेसरों के साथ भी हाल के दिनों में अभद्र व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं।

शिक्षकों की सुरक्षा के लिए प्रदर्शन

कैंपस में शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। संगठन ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष भी डीयूएसयू (DUSU) की जॉइंट सेक्रेटरी दीपिका झा ने डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज में एक प्रोफेसर को थप्पड़ मारा था। इन घटनाओं के मद्देनजर शिक्षक संगठनों ने प्रशासन से कैंपस में शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त सुरक्षा नियम और प्रभावी तंत्र लागू करने की पुरजोर मांग की है।

पीड़ितों और अन्य शिक्षकों की प्रतिक्रिया

पीड़ित प्रोफेसर और उनके सहयोगी शिक्षक इस घटना से काफी आहत हैं। फैकल्टी सदस्यों का कहना है कि यह बहुत ही शर्मनाक स्थिति है कि शिक्षण संस्थान में अब शिक्षक सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि पिछले साल भी छात्र द्वारा प्रोफेसर के साथ मारपीट की घटना हो चुकी है। तुरंत डीन से शिकायत की गई और आरोपी को सस्पेंड करने की प्रक्रिया पूरी की गई। वहीं, छात्रों का एक वर्ग भी इस घटना की आलोचना कर रहा है, लेकिन उनका मानना है कि इस प्रकरण ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को फिर से उजागर कर दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन भविष्य में सुरक्षा को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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