पाचन और आंतों की सेहत सुधारने के लिए डाइट में शामिल करें ये खास जूस स्वास्थ्य एक घंटा पहले 5
अगर आप अपनी आंतों के गुड बैक्टीरिया को बढ़ाना चाहते हैं और गट हेल्थ को बेहतर रखना चाहते हैं, तो इन फलों का जूस आपकी काफी मदद कर सकता है।

आंतों की सेहत के लिए बेहतरीन ड्रिंक्स

आज के समय में खराब खानपान और जीवनशैली का सीधा असर हमारी पाचन क्रिया और आंतों पर पड़ता है। यदि आप अपनी गट हेल्थ को दुरुस्त रखना चाहते हैं, तो आपको अपनी रोजमर्रा की डाइट में कुछ विशेष फलों के जूस को जरूर शामिल करना चाहिए। इन पेय पदार्थों में प्रीबायोटिक्स, प्रोबायोटिक्स, पॉलीफेनोल्स और भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है। ये सभी तत्व आपके गट माइक्रोबायोम को बेहतर बनाने और आंतों में रहने वाले गुड बैक्टीरिया को पोषण देने में मददगार साबित होते हैं। इंटरनल मेडिसिन और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. जोसेफ सलहब ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए इन हेल्दी ड्रिंक्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।

गट हेल्थ के लिए लाभकारी फलों के जूस

  • क्रैनबेरी जूस: क्रैनबेरी में पॉलीफेनोल्स की प्रचुरता होती है, जो स्वस्थ गट बैक्टीरिया को बढ़ावा देने में सहायक हैं। इसमें मौजूद बायोएक्टिव तत्व प्रीबायोटिक के रूप में काम करते हैं, जो आंतों के लाभदायक बैक्टीरिया को पोषित करते हैं।
  • ब्लूबेरी जूस: ब्लूबेरी एंथोसायनिन का एक बहुत अच्छा स्रोत है। ये शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स आंतों के माइक्रोबायोम के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। ब्लूबेरी जूस का सेवन करने से आंतों के अंदर गुड बैक्टीरिया की संख्या में वृद्धि होती है।
  • संतरे का जूस: विटामिन सी और कई महत्वपूर्ण प्लांट कंपाउंड्स से भरपूर संतरे का जूस पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यदि आप इसे पल्प और फाइबर के साथ लेते हैं, तो यह मल त्याग को नियमित रखने और कब्ज की समस्या को दूर करने में भी बहुत मददगार होता है।
  • कीवी जूस: कीवी में विटामिन सी के अलावा कई आवश्यक प्लांट कंपाउंड्स होते हैं। अगर आप कीवी को पूरा खाते हैं, तो इससे मिलने वाला फाइबर पाचन क्रिया को सुचारू रखता है और कब्ज जैसी परेशानियों से निजात दिलाता है।
  • हॉट कोको: हॉट कोको में पॉलीफेनोल्स पाए जाते हैं, जो विशेष रूप से बिफिडोबैक्टीरिया जैसे आंतों के बैक्टीरिया पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

विशेषज्ञ की सलाह

डॉक्टर सलहब का सुझाव है कि जहां तक संभव हो सके, फलों का जूस निकालने के बजाय उन्हें ब्लेंडर में ब्लेंड करके पीना चाहिए। ब्लेंड करने से फलों का फाइबर पूरी तरह बरकरार रहता है, जो एक प्रीबायोटिक की तरह कार्य करते हुए आपके गट के गुड बैक्टीरिया को पोषण प्रदान करता है। वहीं, जूस निकालने की प्रक्रिया में फलों का अधिकतर फाइबर नष्ट हो जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए उतना फायदेमंद नहीं रह जाता।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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