Vikas Divyakirti Motivational Quotes: सफलता का रास्ता आसान कर देंगे विकास दिव्यकीर्ति के ये प्रेरक विचार जीवनशैली एक घंटा पहले 1
यूपीएससी की तैयारी कराने वाले प्रसिद्ध शिक्षक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के प्रेरक विचार छात्रों में नया जोश भरते हैं। यहां पढ़िए उनकी ऐसी ही चुनिंदा बातें जो आपको लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा देंगी।

कौन हैं डॉ. विकास दिव्यकीर्ति

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति आज किसी परिचय के मोहताज नहीं रह गए हैं। वे देश के बेहद चर्चित शिक्षक, लेखक और उद्यमी हैं, जिन्हें खासतौर पर यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने के लिए पहचाना जाता है। पढ़ाने का उनका सहज, रोचक और दिलचस्प अंदाज इंटरनेट तथा सोशल मीडिया के जरिए देश के कोने-कोने तक पहुंच चुका है।

वे 'दृष्टि आईएएस' कोचिंग संस्थान के संस्थापक और प्रबंध निदेशक हैं। इस संस्थान की नींव उन्होंने 1999 में रखी थी और आज यह भारत में आईएएस तथा आईपीएस की तैयारी कराने वाले सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में गिना जाता है। उनके पढ़ाने का तरीका लोगों को इतना भाता है कि उनके वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वे विद्यार्थियों को प्रेरित करने का काम भी करते हैं। यहां हम उनके कुछ ऐसे ही प्रेरक विचार लेकर आए हैं, जो आपका हौसला बढ़ाएंगे और सफलता की राह को आसान बनाएंगे।

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के प्रेरक विचार

  1. क्यों डरें कि जिंदगी में क्या होगा, कुछ नहीं होगा तो तजुर्बा होगा।
  2. जीवन में सबसे ज्यादा सफल वही लोग होते हैं, जिनमें सबसे अधिक धैर्य होता है और इस धैर्य के साथ यह लगन भी होती है कि एक दिन अपना समय जरूर आएगा।
  3. खुद पर इतना भरोसा रखिए कि हम भी दरिया हैं, हमें भी अपना हुनर मालूम है। जिस ओर भी चल पड़ेंगे, रास्ता बन जाएगा।
  4. जब भी जिंदगी मुश्किल दौर से गुजरे, तब हौसला बनाए रखिए।
  5. मुश्किलों से जूझे बिना आप अच्छे इंसान नहीं बन सकते। अगर जिंदगी में आपको सब कुछ आसानी से मिल जाए, तो आप खुद को निखार नहीं पाएंगे।
  6. अपने लक्ष्य को मन में रखकर लंबे समय तक धीमी आंच पर मेहनत करते रहना चाहिए। जिसके पास स्पष्ट उद्देश्य होगा, वह किसी न किसी क्षेत्र में जरूर कामयाब होगा।
  7. सफलता का रास्ता आसान नहीं होता, लेकिन जो व्यक्ति लगातार परिश्रम करता है, वह अपने लक्ष्य तक जरूर पहुंचता है।
  8. अगर कभी किसी से कोई कहासुनी हो जाए, तो दुश्मनी पालने के बजाय उसे नजरअंदाज कर दीजिए।
  9. मैं अपनी पूरी जिंदगी इस बात पर क्यों खर्च करूं कि लोग क्या सोचेंगे। अगर 4 लोग गालियां देते हैं तो दें, मेरी कोशिश तो अपनी जिंदगी बेहतर बनाने की होनी चाहिए।
चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!