अटलांटिक महासागर का नाम 'ट्रंप ओशन' रखना चाहते थे डोनाल्ड ट्रंप, गूगल सीईओ के इनकार के बाद क्या हुआ? विश्व 2 घंटे पहले 3
डोनाल्ड ट्रंप ने एक रैली के दौरान खुलासा किया कि उन्होंने गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई से अटलांटिक महासागर का नाम बदलकर 'ट्रंप ओशन' रखने का आग्रह किया था। हालांकि, पिचाई ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

अटलांटिक के नामकरण का अनोखा विचार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दुनिया के दूसरे सबसे बड़े महासागर, अटलांटिक महासागर के नाम को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। ट्रंप की इच्छा थी कि इस विशाल जल निकाय का नाम बदलकर 'ट्रंप ओशन' कर दिया जाए। अपनी इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए उन्होंने गूगल के CEO सुंदर पिचाई से संपर्क साधा था। ट्रंप का यह मानना था कि गूगल मैप्स पर अटलांटिक महासागर को अब 'ट्रंप ओशन' के नाम से प्रदर्शित किया जाना चाहिए।

गूगल प्रमुख का स्पष्ट इनकार

डोनाल्ड ट्रंप के इस प्रस्ताव पर गूगल के शीर्ष नेतृत्व का रुख काफी सख्त रहा। सुंदर पिचाई ने ट्रंप के अनुरोध को मानने से साफ इनकार कर दिया। पिचाई ने तर्क दिया कि महासागरों का स्वरूप पूरी तरह से अलग होता है, क्योंकि वे किसी एक देश की संपत्ति नहीं होते बल्कि कई राष्ट्रों की सीमाओं से जुड़े होते हैं। गूगल प्रमुख ने ट्रंप को यह समझाने की कोशिश की कि किसी एक देश के नेता के नाम पर महासागर का नाम रखना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कतई उचित नहीं होगा।

प्रशांत महासागर पर भी थी नजर

दक्षिण कैरोलाइना में आयोजित एक जनसभा के दौरान ट्रंप ने खुद अपने इस रहस्य का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सुंदर पिचाई द्वारा मना किए जाने के बाद उन्होंने फिलहाल अटलांटिक महासागर का नाम बदलने का विचार त्याग दिया है। हालांकि, उनकी महत्वाकांक्षा यहीं तक सीमित नहीं थी। रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने यह भी कहा कि वे दुनिया के सबसे बड़े महासागर, प्रशांत महासागर का नाम बदलकर 'अमेरिकन ओशन' रखने के इच्छुक थे।

सुंदर पिचाई के साथ हुई बातचीत

अपनी चर्चा का विवरण देते हुए ट्रंप ने कहा, मैंने एक अत्यंत प्रतिभाशाली व्यक्ति सुंदर पिचाई से बात की थी, जो गूगल जैसी बड़ी कंपनी का नेतृत्व करते हैं। उन्होंने गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन और पिचाई की बुद्धिमत्ता की सराहना भी की। ट्रंप ने मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर 'गल्फ ऑफ अमेरिका' करने की अपनी पुरानी योजना का भी जिक्र किया और कहा कि वे अभी भी खाड़ी के नाम को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने पिचाई से पूछा था कि क्या वे अटलांटिक महासागर के मामले में उनकी मदद कर सकते हैं, जिस पर पिचाई ने उन्हें इस विचार को आगे न बढ़ाने का विनम्र आग्रह किया।

भविष्य की योजना और धारणा

ट्रंप का कहना है कि उन्हें अटलांटिक और प्रशांत दोनों महासागर इसलिए पसंद हैं क्योंकि वे अमेरिका के करीब हैं। उनका इरादा दुनिया के किसी अन्य महासागर को अपना या अमेरिका का नाम देने का नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह विशेष रुचि केवल इन दो महासागरों तक ही सीमित थी। इसके अलावा, ट्रंप ने हाल ही में ईरान के साथ चल रहे तनाव और युद्ध को जल्द समाप्त करने का भी बड़ा दावा किया है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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