राजस्थान में अब WhatsApp पर ‘Hello’ लिखते ही मिलेंगी सरकारी सेवाएं, ई-मित्र सिस्टम हुआ ऑनलाइन राजस्थान एक घंटा पहले 1
राजस्थान सरकार ई-मित्र सिस्टम को सीधे WhatsApp पर ला रही है, जहां नागरिक 9922970108 पर सिर्फ ‘Hello’ भेजकर जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पेंशन और भर्ती आवेदन समेत दर्जनों सेवाओं का लाभ घर बैठे ले सकेंगे। इस व्यवस्था में दस्तावेज स्कैन कराने की जरूरत नहीं, मोबाइल से फोटो अपलोड कर सीधे आवेदन हो जाएगा।

राजस्थान में सरकारी सेवाओं को आम लोगों तक और अधिक सरल, तेज और पारदर्शी ढंग से पहुंचाने के मकसद से सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (डीओआईटी) एक नई डिजिटल पहल शुरू करने जा रहा है। इस पहल के तहत अब पूरा ई-मित्र सिस्टम सीधे WhatsApp पर उपलब्ध रहेगा, जिससे आमजन को छोटे-छोटे कामों के लिए ई-मित्र केंद्रों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

नई व्यवस्था के अनुसार राज्य का कोई भी नागरिक मोबाइल नंबर 9922970108 पर केवल ‘Hello’ लिखकर संदेश भेजेगा। संदेश भेजते ही उसके सामने सरकारी सेवाओं का डिजिटल प्लेटफॉर्म खुल जाएगा, जहां वह अपनी आवश्यकता के अनुसार सेवा का चयन कर सकेगा।

कौन-कौन सी सेवाएं मिलेंगी

इस प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिक जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, छात्रवृत्ति, पेंशन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा सरकारी भर्तियों के आवेदन, बिजली और पानी के बिलों का भुगतान, मोबाइल व डीटीएच रिचार्ज, पुलिस वेरिफिकेशन तथा राजस्व विभाग की कई सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

कैसे करेगा काम

सेवा का उपयोग करने के लिए सबसे पहले नागरिक को WhatsApp नंबर पर ‘Hello’ लिखकर भेजना होगा। इसके बाद उसे हिंदी या अंग्रेजी में से कोई एक भाषा चुनने का विकल्प मिलेगा। भाषा चुनते ही भर्ती, योजनाएं और अन्य सरकारी सेवाओं की सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी, जहां से उपयोगकर्ता अपनी जरूरत के मुताबिक विकल्प चुनकर आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा।

यदि कोई अभ्यर्थी भर्ती से जुड़ा आवेदन करना चाहता है तो चैटबॉट सबसे पहले उससे जनाधार नंबर मांगेगा। जनाधार नंबर डालते ही नाम, आयु और शैक्षणिक योग्यता जैसी जानकारी अपने आप स्क्रीन पर दिखने लगेगी। इसके बाद अभ्यर्थी अपनी पसंद के पद का चयन कर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकेगा।

दस्तावेज स्कैन कराने की जरूरत नहीं

इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खूबी यह है कि किसी भी दस्तावेज को स्कैन कराने की आवश्यकता नहीं रहेगी। आवेदक अपने मोबाइल कैमरे से मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र या अन्य आवश्यक दस्तावेजों की फोटो खींचकर सीधे अपलोड कर सकेगा। अगर गलती से कोई गलत दस्तावेज अपलोड हो जाता है, तो सिस्टम WhatsApp पर ही अलर्ट भेजकर इसकी जानकारी दे देगा।

सुरक्षा और डेटा को लेकर तैयारी

धौलपुर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त निदेशक बलभद्र सिंह के अनुसार इस सेवा को पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए कोडिंग और डेटा इंटीग्रेशन का काम जारी है। उन्होंने बताया कि सिस्टम किसी तरह का अतिरिक्त डेटा एक्सेस नहीं करेगा, जबकि अपलोड किए गए दस्तावेजों की जांच संबंधित विभाग द्वारा ही की जाएगी।

माना जा रहा है कि यह पहल सरकारी सेवाओं को सीधे लोगों के मोबाइल तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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