धौलपुर में जलभराव से जंग: मानसून से पहले 35 बड़े नालों की सफाई का अभियान तेज, 20 जून तक काम पूरा करने का लक्ष्य राजस्थान एक घंटा पहले 2
पिछले साल भारी बारिश में धौलपुर शहर की सड़कों पर नाव चलानी पड़ी थी। इस बार नगर परिषद ने मानसून से पहले 35 बड़े नालों और सीवर लाइनों की सफाई का अभियान तेज कर दिया है, जिसे 20 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

पिछले साल हुई भारी बारिश ने धौलपुर शहर के कई इलाकों को बाढ़ जैसे हालात में धकेल दिया था। सड़कों और कॉलोनियों में इतना पानी भर गया था कि लोगों को आवाजाही के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। इस दुर्दशा की सबसे बड़ी वजह नालों और सीवर लाइनों का जाम होना तथा कई जगहों पर फैला अतिक्रमण रही। इसी अनुभव से सबक लेते हुए इस बार नगर परिषद ने मानसून दस्तक देने से पहले ही कमर कस ली है।

शहर को जलभराव की मार से बचाने के लिए प्रशासन इस मर्तबा जल निकासी को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। नगर परिषद की ओर से बड़े और छोटे, दोनों तरह के नालों की सफाई का काम तेज रफ्तार से कराया जा रहा है। साथ ही जहां-जहां सीवर लाइनें और चैंबर ब्लॉक हैं, उन्हें खोलने और साफ करने का कार्य भी लगातार जारी है। मकसद यही है कि बारिश शुरू होने से पहले समूची निकासी व्यवस्था चाक-चौबंद हो जाए और आम जनता को कोई परेशानी न झेलनी पड़े।

20 जून तक सफाई पूरी करने का लक्ष्य

नगर परिषद के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि परिषद क्षेत्र में करीब 35 बड़े और मुख्य नाले हैं, जिनकी चरणबद्ध तरीके से सफाई करवाई जा रही है। जहां भी नालों में रुकावट, कचरा या घास-फूस जमा मिला है, वहां विशेष अभियान चलाकर उसे हटाया जा रहा है। उनके मुताबिक सभी प्रमुख नालों की सफाई 20 जून तक पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि पहली बारिश से पहले ही पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके।

जगन चौराहा नाला सबसे संवेदनशील

शहर का सबसे अहम और संवेदनशील नाला जगन चौराहा क्षेत्र का माना जाता है। यह नाला पुराने अस्पताल से शुरू होकर हरदेव नगर, जगन चौराहा, कचहरी और रेलवे स्टेशन तक जाता है। बारिश के दौरान अक्सर इसी नाले में ब्लॉकेज हो जाता है, जिससे आसपास के इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन जाती है। परिषद का दावा है कि मानसून से पहले इस नाले को पूरी तरह साफ और व्यवस्थित कर दिया जाएगा।

बड़े नालों की सफाई जेसीबी मशीनों की मदद से कराई जा रही है, जबकि छोटे नालों की जिम्मेदारी सफाईकर्मियों और जमादारों को सौंपी गई है। संतर रोड, कायस्थपाड़ा और रिसाला क्षेत्र से गुजरने वाले एक अन्य बड़े नाले की सफाई का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा गुलाब बाग चौराहे से केनरा बैंक और नर्सरी क्षेत्र तक जाने वाले नाले पर भी सफाई अभियान चल रहा है।

बाड़ी रोड क्षेत्र को मिलेगी बड़ी राहत

बाड़ी रोड क्षेत्र के मुख्य नाले को भी दुरुस्त किया जा रहा है। इस नाले के सुधरने से छतरियां और मचकुंड क्षेत्र का अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सकेगा। इससे बाड़ी रोड और आसपास की कॉलोनियों में जलभराव की समस्या काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है।

परिषद के अधिकारियों का कहना है कि सभी ब्लॉक हो चुकी सीवर लाइनों को भी जल्द खोल दिया जाएगा, ताकि बरसात के दौरान गंदा और बदबूदार पानी सड़कों पर न बहे। परिषद को भरोसा है कि इस बार मानसून में धौलपुर शहर को जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। शहर को किसी आपदा से बचाने के लिए प्रशासन हर स्तर पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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