'अंगद का पैर' वाले बयान पर अखिलेश यादव का करारा तंज, कहा- जब जमीन ही नहीं बची तो पैर कहां रखेंगे भारत एक घंटा पहले 6
दिल्ली के रामलीला मैदान में 'इंडिया' गठबंधन की महारैली को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने मतदाता सूची में धांधली और अमित शाह के 'अंगद का पैर' वाले बयान पर तीखा पलटवार किया।

रामलीला मैदान में 'इंडिया' गठबंधन की विशाल रैली

राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'इंडिया' गठबंधन की 'वोट चोरी' विरोधी महारैली के मंच से समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। रविवार को जनसभा को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों तथा चुनावी प्रक्रिया में कथित धांधली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने जनसभा के दौरान कहा कि जो लोग अपनी स्थिति की तुलना 'अंगद का पैर' से करते हैं, उन्हें यह भी समझना चाहिए कि जब जमीन ही खिसक चुकी है, तो पैर टिकाने के लिए जगह कहां से बचेगी।

अमित शाह के पुराने बयान पर किया पलटवार

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक हालिया बयान का संदर्भ लेते हुए यह तंज कसा। गौरतलब है कि गत 30 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की स्थिति रामायण के पात्र अंगद के पांव की तरह मजबूत है, जिसे कोई भी डिगा नहीं सकता। अमित शाह ने यह दावा भी किया था कि राज्य में भाजपा ही दोबारा सरकार बनाने जा रही है और इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। इसी बयान का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जब जनता के बीच आधार ही नहीं रहा, तो पैर कहां जमाया जा सकता है।

काशी की जनता और वोट काटने के दावों पर सवाल

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में काशी के मतदाताओं का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि काशी की जनता ने 'डबल इंजन' की सरकार को 'डबल जीरो' थमा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का गंभीर आरोप लगाया।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि जब रामलीला मैदान में यह जनसभा आयोजित होने वाली थी, ठीक उससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से बयान आया कि राज्य में 1.27 लाख हिंदू भाइयों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। इसका सीधा सा गणित यह निकलता है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में औसतन 31 हजार वोट कम किए गए हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि यह सब अपनी हार का ठीकरा दूसरों के सिर पर फोड़ने की एक सोची-समझी कोशिश मात्र है।

'2022 में वोट चोरी के कारण नहीं बन पाई सरकार'

पश्चिम बंगाल के हालिया विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि वहां भी चुनाव में भारी धांधली की गई थी। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराकर मनमाने तरीके से वोट डलवाए गए थे।

अपनी पार्टी और गठबंधन के संघर्ष पर बात करते हुए उन्होंने कहा:

  • वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा गठबंधन की सरकार न बनने का मुख्य कारण यही वोट चोरी थी।
  • 'इंडिया' गठबंधन के कार्यकर्ता और नेता इस तरह की हरकतों के सामने रुकने वाले या पीछे हटने वाले नहीं हैं।
  • जो लोग मंचों से खुद को 'विश्वगुरु' बनाने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, वे वास्तव में मतदाता सूचियों से वोट चुराने का काम कर रहे हैं।

'लोकतंत्र की हल्दीघाटी' और बदलाव की आहट

अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश ही वह मार्ग है जहां से सत्ता में आए लोगों को विदाई दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब देकर बाहर का रास्ता दिखाने का काम करेगी। देश का लोकतंत्र बचाने की इस लड़ाई की शुरुआत भी उत्तर प्रदेश की धरती से ही होगी।

सपा प्रमुख ने दिल्ली के रामलीला मैदान को 'लोकतंत्र की हल्दीघाटी' करार दिया और कहा कि आज यहां से एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। देश में परिवर्तन किसी भी समय आ सकता है। भाजपा को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी उन पर बरसाई गई एक-एक लाठी और दिए गए हर एक जख्म का पूरा हिसाब लेगी और उस समय सत्ताधारी दल खुद को बचा नहीं पाएगा।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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