दिल्ली
8 घंटे पहले
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दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई
राजधानी दिल्ली में पुलिस ने अवैध और प्रतिबंधित विदेशी सिगरेटों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। पुलिस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से 2.82 लाख से भी ज्यादा विदेशी सिगरेट बरामद की हैं। बाजार में इन जब्त की गई सिगरेटों की कुल कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि यह कार्रवाई दो चरणों में पूरी की गई, जिसमें करावल नगर और बुद्धपुर इंडस्ट्रियल एरिया के एक गोदाम में छापेमारी की गई।
ऑपरेशन की शुरुआत और पहली गिरफ्तारी
अवैध तंबाकू के इस गोरखधंधे का खुलासा 4 अगस्त को हुआ, जब दिल्ली पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि करावल नगर इलाके में प्रतिबंधित विदेशी सिगरेटों की खेप पहुंचाई जाने वाली है। पुलिस की एक टीम ने तुरंत शिव विहार के पास घेराबंदी की। शाम के लगभग 4:30 बजे, तीन संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल पर सवार होकर बोरियां लेकर वहां पहुंचे और किसी ग्राहक का इंतजार करने लगे। जब काफी देर तक कोई नहीं आया और वे वहां से जाने लगे, तब पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
12,640 सिगरेटों की बरामदगी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अंकित (35), विशाल (28) और राहुल (36) के रूप में हुई है, जो सभी करावल नगर के निवासी हैं। पुलिस की तलाशी में उनके पास से 79 कार्टन मिले, जिनमें इंडोनेशिया में बनी 12,640 विदेशी सिगरेटें थीं। पुलिस के अनुसार, इन पैकेटों पर सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के नियमों के मुताबिक स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियां अंकित नहीं थीं, जो भारत में इनकी बिक्री को गैर-कानूनी बनाती हैं। पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है।
सप्लायर का पता और गोदाम पर छापा
इस गिरफ्तारी के बाद करावल नगर पुलिस स्टेशन में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने अपने मुख्य सप्लायर का नाम उगला। पुलिस ने इस जानकारी के आधार पर बुधवार को नीरज कपूर (55) नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि इसी कड़ी में बुधपुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक वेयरहाउस पर छापा मारा गया, जहां से विभिन्न ब्रांड की 2,70,000 अवैध विदेशी सिगरेट बरामद की गईं।
आगे की जांच जारी
कुल मिलाकर इस ऑपरेशन में पुलिस ने 2,82,640 प्रतिबंधित सिगरेट जब्त की हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राहुल पहले भी चोरी और झपटमारी के मामलों में शामिल रहा है, जबकि बाकी तीन आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। वर्तमान में पुलिस इस तस्करी के पूरे नेटवर्क, माल को मंगाने के वित्तीय लेन-देन और इसमें शामिल अन्य बड़े तस्करों की तलाश में जुटी हुई है।
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